ऐतिहासिक स्थलों, सांस्कृतिक परंपराओं और प्राकृतिक सौंदर्य से होंगे रूबरू, आत्मनिर्भरता व आत्मविश्वास को मिलेगा बढ़ावा
उदयपुर। विद्यार्थियों को किताबी ज्ञान के साथ व्यावहारिक अनुभव प्रदान करने तथा देश की प्राकृतिक, सांस्कृतिक और ऐतिहासिक विरासत से परिचित कराने के उद्देश्य से दिल्ली पब्लिक स्कूल (डीपीएस), उदयपुर के दो छात्र समूह शैक्षणिक भ्रमण पर रवाना हुए। इस यात्रा में कुल 167 विद्यार्थी और 16 शिक्षक शामिल हैं। भ्रमण के दौरान विद्यार्थी विभिन्न दर्शनीय स्थलों का अवलोकन करने के साथ ही नई जगहों, परंपराओं और जीवनशैली को करीब से जानेंगे।
विद्यालय के प्रो वाइस चेयरमैन गोविंद अग्रवाल ने बताया कि घर और विद्यालय से दूर अपने सहपाठियों एवं अध्यापकों के साथ रहने से विद्यार्थियों में आत्मनिर्भरता, अनुशासन, सहयोग और सामूहिक जीवन जीने की भावना विकसित होती है। ऐसे भ्रमण बच्चों को नए अनुभव प्रदान करने के साथ उनका आत्मविश्वास बढ़ाने और जीवन की व्यावहारिक चुनौतियों को समझने में भी सहायक होते हैं।
प्राचार्य संजय नरवरिया ने बताया कि कक्षा चार एवं पांच के 42 विद्यार्थियों और चार अध्यापकों का समूह 14 से 20 अक्टूबर 2026 तक चंडीगढ़, अमृतसर और वाघा बॉर्डर का भ्रमण करेगा। इस दौरान विद्यार्थी ऐतिहासिक एवं दर्शनीय स्थलों का अवलोकन कर देश के गौरवशाली इतिहास और सांस्कृतिक विरासत की जानकारी प्राप्त करेंगे।
वहीं, कक्षा नौ एवं दस के 125 विद्यार्थियों और 12 अध्यापकों का दूसरा समूह शिमला, कुल्लू और मनाली की यात्रा पर गया है। यहां विद्यार्थी हिमालय की प्राकृतिक सुंदरता को निहारने के साथ क्षेत्र की भौगोलिक विशेषताओं, स्थानीय संस्कृति और परंपराओं से परिचित होंगे।
उपप्राचार्य राजेश धाभाई ने बताया कि शैक्षणिक भ्रमण विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास और व्यक्तित्व निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इसी उद्देश्य से विद्यालय प्रतिवर्ष ऐसे भ्रमण आयोजित करता है, ताकि विद्यार्थी पुस्तकीय ज्ञान के साथ वास्तविक जीवन के अनुभवों से भी सीख सकें।
डीपीएस उदयपुर के 167 विद्यार्थी शैक्षणिक भ्रमण पर रवाना, चंडीगढ़-अमृतसर से शिमला-मनाली तक जानेंगे देश की विरासत
