उदयपुर, 1 अक्टूबर। श्री वर्धमान स्थानकवासी जैन श्रावक संघ के तत्वावधान में देवेन्द्र धाम में आयोजित धर्मसभा में जैन संत डॉ. सुरेन्द्र मुनि ने कहा कि जीवन की समस्याओं का समाधान सकारात्मक सोच में ही निहित है। आशावादी व्यक्ति कठिन परिस्थितियों में भी आगे बढ़ने का मार्ग खोज लेता है, जबकि निराशा व्यक्ति को कमजोर और दिशाहीन बना देती है।
उन्होंने आधे भरे गिलास का उदाहरण देते हुए कहा कि किसी के लिए वह आधा भरा है तो किसी के लिए आधा खाली। यही अंतर जीवन के प्रति हमारे दृष्टिकोण में दिखाई देता है। उन्होंने कहा कि परिस्थितियां बदलना हमेशा हमारे हाथ में नहीं होता, लेकिन उन्हें देखने का नजरिया अवश्य हमारे हाथ में है।
प्रवर्तक डॉ. राजेन्द्र मुनि ने कहा कि मन संकुचित होने से समाज में विभाजन बढ़ता है। भगवान महावीर ने सभी जीवों में समान आत्मा का संदेश दिया। मन जितना विशाल होगा, राग-द्वेष उतना ही कम होगा। इस अवसर पर उपाध्याय रमेश मुनि, दीपेश मुनि सहित समाजजन उपस्थित रहे।
इस अवसर पर अहिंसा विहार दिल्ली सेआए श्री संघ ने पूज्य गुरुदेव को दिल्ली पधारने की विनंती की तथा श्री संघ के मंत्री हिम्मत बडाला को जन्मदिन के उपलक्ष में सभी गुरु भक्तों ने हार्दिक
सकारात्मक सोच से जीवन को मिलती है नई दिशाःडॉ. सुरेन्द्र मुनि
