विकसित भारत-जन सेवा अभियान’ 17 से प्रस्तावित

उदयपुर व्यूज़ | ताजा खबरें

जनसेवा, सुशासन और जनभागीदारी को मिलेगा बढ़ावा
प्रशासन ने शुरू की तैयारियां, अधिकारियों की ली बैठक

उदयपुर, 15 सितंबर। प्रदेश भर में आगामी 17 सितम्बर से 17 अक्टूबर तक ‘विकसित भारत-जन सेवा अभियान’ प्रस्तावित है। अभियान को सफल बनाने के लिए जिला प्रशासन ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। जिला कलक्टर गौरव अग्रवाल के निर्देशन में जिला परिषद सीईओ प्रीतम कुमार ने मंगलवार शाम सभी संबंधित विभागों के अधिकारियों की बैठक ली।

बैठक में सीईओ ने अधिकारियों को अभियान की प्रारंभिक जानकारी तथा उद्देश्य और लक्ष्य से अवगत कराया। उन्होंने बताया कि अभियान का उद्देश्य जनसेवा, सामाजिक सरोकार एवं सुशासन की भावना कोसुदृढ़ करने के साथ विभिन्न जनकल्याणकारी गतिविधियों की जानकारी को व्यापक स्तर तक पहुंचाना तथा आमजन, किसानों, महिलाओं और युवाओं की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करना है। साथ ही ‘विकसित भारत’ के लक्ष्यों की दिशा में जनभागीदारी आधारित गतिविधियों को गति दी जाएगी।

अभियान के तहत 12 प्रमुख कार्यक्रम एवं गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। अभियान की शुरुआत 17 सितंबर को शाम 7 बजे ‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम से होगी। इसी दिन रक्तदान शिविर भी आयोजित किया जाएगा। ‘मेरे सपनों का भारत चित्रसेवा’ गतिविधि 17 सितंबर से 7 अक्टूबर तक चलेगी। ‘नमो सेवा-अनकही कहानियां’ के तहत ग्रामीण क्षेत्र में 18 से 25 सितंबर तथा शहरी क्षेत्र में 22 सितंबर से 17 अक्टूबर तक गतिविधियां होंगी। ‘आंगन मिलन सेवा’ 25 से 27 सितंबर तक और ‘सेवा की कहानी’ 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक आयोजित होगी। ‘सेवा ज्योति कलश यात्रा’ 7 अक्टूबर को तथा ‘सेवा मेरा योगदान’ 2 अक्टूबर को होगा। इसी क्रम में ‘सेवा सेतु अभियान’ ग्रामीण क्षेत्रों में 19 से 25 सितंबर और शहरी क्षेत्रों में 8 से 16 अक्टूबर तक चलेगा। ‘सेवा के रंग, राष्ट्र के संग’ 24 सितंबर एवं 11 अक्टूबर को, जबकि ‘सेवा फर्स्ट इनोवेशन चौलेंज’ 1 से 15 अक्टूबर तक आयोजित किया जाएगा। ‘सुशासन सेवा संवाद’ निर्धारित शेड्यूल के अनुसार होगा। बैठक में सभी संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। वहीं जिले के सभी उपखण्ड अधिकारी, विकास अधिकारी एवं ब्लॉक स्तरीय अधिकारी वीडियो कांफ्रेन्स के माध्यम से बैठक में शामिल हुए।

तीन स्तरों पर होगी जिम्मेदारी तय
अभियान के सफल संचालन के लिए राज्य, जिला और स्थानीय स्तर पर जिम्मेदारियां निर्धारित की गई हैं। राज्य स्तर पर संबंधित विभाग द्वारा राज्य स्तरीय नोडल अधिकारी नामित किए जाएंगे, जिन्हें आयोजन, समन्वय एवं रिपोर्टिंग की जिम्मेदारी होगी। जिला स्तर पर जिला कलेक्टर संबंधित विभागीय जिला अधिकारियों के साथ समन्वय करते हुए जिला स्तरीय कार्ययोजना तैयार कराएंगे। स्थानीय स्तर पर ग्राम पंचायत, पंचायत समिति, उपखण्ड और नगरीय निकाय स्तर पर नोडल अधिकारी अथवा कार्मिक नियुक्त किए जाएंगे।
सीईओ ने बताया कि ग्राम पंचायत से लेकर वार्ड स्तर तक गतिविधियों की पहुंच सुनिश्चित करने और स्थानीय जनप्रतिनिधियों, पंचायती राज संस्थाओं, नगरीय निकायों, विद्यालय-महाविद्यालयों, स्वयंसेवी संस्थाओं, युवा समूहों एवं महिला स्वयं सहायता समूहों की भागीदारी सुनिश्चित करने की अपेक्षा की गई है। आयोजन स्थलों पर बैठक व्यवस्था, पेयजल, स्वच्छता, विद्युत, सुरक्षा और चिकित्सा जैसी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के साथ फोटो, वीडियो एवं रिपोर्ट की समयबद्ध पोर्टल अपलोडिंग तथा गुणवत्ता की निगरानी भी की जाएगी।

इन विभागों की होगी अहम भूमिका
अभियान में पंचायती राज, ग्रामीण विकास, सहकारिता, देवस्थान, पर्यटन, कला एवं संस्कृति, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता, नगरीय विकास एवं आवासन, खेल एवं युवा मामले, उच्च शिक्षा, स्थानीय निकाय, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य, कृषि एवं उद्यानिकी, सूचना प्रौद्योगिकी एवं संचार, चिकित्सा शिक्षा, स्कूल शिक्षा, महिला एवं बाल विकास तथा सूचना एवं जनसम्पर्क विभाग सहित विभिन्न विभागों की भूमिका निर्धारित की गई है।

By Udaipurviews

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