उदयपुर के 80 वार्डों में भाजपा ने उतारे प्रत्याशी, नामांकन के बाद जारी हुई सूची; कटारिया के दामाद के भाइयों समेत पूर्व जिलाध्यक्षों के परिवारों को भी टिकट
उदयपुर, 31 अगस्त: नगर निगम चुनाव में नामांकन के अंतिम दिन उदयपुर की सियासत में उस समय हलचल बढ़ गई, जब भाजपा ने 80 वार्डों के पार्षद प्रत्याशियों की औपचारिक सूची जारी की। हालांकि पार्टी ने प्रत्याशियों से पहले ही नामांकन दाखिल करवा दिए थे और सूची सोमवार शाम करीब 4 बजे जारी की गई। भाजपा ने इस बार वरिष्ठ नेताओं के साथ कई नए और युवा चेहरों पर भी दांव खेला है। वरिष्ठ नेता प्रमोद सामर, पूर्व उपमहापौर पारस सिंघवी, पूर्व जिलाध्यक्ष दिनेश भट्ट और अतुल चंडालिया जैसे प्रमुख नाम मैदान में हैं। वहीं पूर्व जिलाध्यक्षों के परिवारों और पार्टी संगठन से जुड़े पदाधिकारियों को भी टिकट देकर भाजपा ने संगठनात्मक समीकरण साधने की कोशिश की है।
सामर-सिंघवी समेत कई दिग्गज मैदान में
भाजपा के वरिष्ठ नेता प्रमोद सामर को वार्ड 51, पूर्व उपमहापौर पारस सिंघवी को वार्ड 72 और पूर्व जिलाध्यक्ष दिनेश भट्ट को वार्ड 45 से प्रत्याशी बनाया गया है। नगर निगम की निर्माण समिति के पूर्व अध्यक्ष आशीष कोठारी को वार्ड 44 से दोबारा मौका दिया गया है। वहीं वार्ड 29 में पार्टी ने वरिष्ठ दावेदारों की जगह युवा चेहरे वैभव भंडारी पर भरोसा जताया है।
कटारिया के दामाद के भाइयों को भी टिकट
भाजपा की सूची में सबसे अधिक चर्चा गुलाबचंद कटारिया के दामाद के भाइयों को मिले टिकटों की है। वार्ड 5 से आकाश वागरेचा और वार्ड 76 से अतुल चंडालिया को मैदान में उतारा गया है। अतुल चंडालिया भाजपा के उदयपुर शहर जिलाध्यक्ष की दौड़ में भी रहे हैं और अब महापौर पद की संभावित दौड़ में उनका नाम चर्चा में है।
पूर्व देहात जिलाध्यक्ष तख्तसिंह शक्तावत के बेटे जितेंद्र सिंह शक्तावत को वार्ड 39 से टिकट मिला है। वहीं पूर्व शहर जिलाध्यक्ष एवं पूर्व सभापति रवीन्द्र श्रीमाली खुद चुनाव नहीं लड़ रहे हैं, लेकिन उनके गृह वार्ड 33 से उनके भतीजे जतिन श्रीमाली को प्रत्याशी बनाया गया है। भाजयुमो के पूर्व अध्यक्ष सन्नी पोखरना की पत्नी मीनल पोखरना को भी टिकट दिया गया है। महिला मोर्चा जिलाध्यक्ष डॉ. कविता जोशी को भी पार्टी ने चुनाव मैदान में उतारा है।

कांग्रेस से भाजपा में आए नेता के परिवार को भी मौका
कांग्रेस से भाजपा में आए लोकेश गौड़ की पत्नी अमिता गौड़ को भी पार्टी ने टिकट दिया है। इससे भाजपा द्वारा विभिन्न सामाजिक और राजनीतिक समीकरणों को साधने की रणनीति का संकेत मिलता है।\

टिकट कटने से नाराजगी, निर्दलीय भी मैदान में
नामांकन के अंतिम दिन कांग्रेस और भाजपा दोनों दलों से टिकट नहीं मिलने के बाद कुछ नेताओं ने निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में पर्चा भरा। कांग्रेस से टिकट नहीं मिलने पर देवेंद्र माली ने वार्ड 54 से निर्दलीय नामांकन किया। वार्ड 60 से किन्नर समुदाय की मीरा राठौड़ ने भी निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में पर्चा दाखिल कर चुनावी मुकाबले को रोचक बना दिया। पूर्व केंद्रीय मंत्री गिरिजा व्यास के भाई गोपाल शर्मा की बहू हिंताशी शर्मा ने वार्ड 76 से नामांकन दाखिल किया। कलेक्ट्रेट में सुबह 10 बजे से दोपहर 3 बजे तक नामांकन हुए। भाजपा ने अपने प्रत्याशियों को पहले ही फोन कर नामांकन पत्र लेने और समर्थकों के साथ पर्चा दाखिल करने के निर्देश दिए थे। शहर के वार्ड 12 से यतेन्द्र दाधीच ने निर्दलीय नामांकन प्रस्तुत किया।

माकपा ने वार्ड 30 से रानू सालवी को उतारा
माकपा की ओर से वार्ड 30 से रानू सालवी ने नामांकन दाखिल किया। चुनाव अभिकर्ता फिरोज अहमद के अनुसार, रानू पिछले करीब 10 वर्षों से आम जनता और ठेला-फुटपाथ व्यवसायियों के मुद्दों को लेकर सक्रिय रही हैं। माकपा जिला सचिव एवं चुनाव संयोजक पूर्व पार्षद राजेश सिंघवी ने भाजपा-कांग्रेस को एक-दूसरे का विकल्प बताते हुए माकपा को वास्तविक विकल्प बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि निगम में गरीब, कच्ची बस्तियों, मेहनतकश और अल्पसंख्यक वर्ग से जुड़े क्षेत्रों के साथ भेदभाव हुआ है।

शक्तावत के बेटे की रैली में दिखा शक्ति प्रदर्शन
वार्ड 39 से भाजपा प्रत्याशी जितेंद्र सिंह शक्तावत ने सुबह बड़बड़ेश्वर महादेव मंदिर में दर्शन के बाद नामांकन दाखिल किया। इसके बाद सेक्टर-14, गोवर्धन विलास स्थित निवास से समर्थकों के साथ बाइक और कार रैली निकाली गई। बड़ी संख्या में कार्यकर्ता उनके साथ कलेक्ट्रेट पहुंचे। इस दौरान मंडल अध्यक्ष अमृत मेनारिया, पूर्व पार्षद इंदर गमेती, संतोष मेनारिया, महेश तिवेदी, शक्ति केंद्र प्रभारी सत्यनारायण झवर सहित कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे। नामांकन के अंतिम दिन दोनों प्रमुख दलों की सूची सामने आने के साथ ही अब उदयपुर के 80 वार्डों में मुकाबले की तस्वीर काफी हद तक साफ हो गई है।
