उदयपुर, 14 अगस्त । श्री दिगंबर जैन धर्म प्रभावना समिति एवं वर्षायोग समिति के तत्वावधान में श्री पार्श्वनाथ दिगंबर जैन मंदिर, उदासीन आश्रम, अशोक नगर में मुनि श्री 108 अरहसागर महाराज एवं मुनि श्री 108 सुहित सागर महाराज के सानिध्य में चातुर्मास के तहत विभिन्न धार्मिक आयोजनों की धूम जारी है। मंदिर परिसर में आयोजित चातुर्मासिक धर्मसभा में सकल दिगंबर जैन समाज के श्रद्धालु बड़ी संख्या में धर्म लाभ ले रहे हैं। कार्यक्रम का शुभारंभ अभिषेक एवं शांतिधारा से हुआ। इसके बाद श्रद्धालुओं ने आचार्य श्री के चित्र का अनावरण एवं दीप प्रज्ज्वलन किया। मुनिश्री के पाद-प्रक्षालन तथा श्रीफल एवं शास्त्र भेंट कर श्रद्धालुओं ने आशीर्वाद प्राप्त किया। आहारचर्या भी सानंद संपन्न हुई। चातुर्मास के दौरान नित्य नियम पूजन, जलाभिषेक एवं अन्य धार्मिक अनुष्ठान नियमित रूप से आयोजित किए जा रहे हैं।
चातुमार्स समिति के अध्यक्ष महेन्द्र टाया ने बताया कि धर्मसभा को संबोधित करते हुए मुनि अरहसागर महाराज ने कहा कि चातुर्मास आत्मशुद्धि का श्रेष्ठ अवसर है। जिन परिवारों ने मंगल कलश स्थापित किए हैं, उन्हें नियमित रूप से जाप करना चाहिए। कम से कम एक माला और सामर्थ्य के अनुसार अधिक जाप भी किया जा सकता है। जाप से मंगल कलश की विशुद्धि बढ़ती है और परिवार में सुख-शांति, समृद्धि एवं धर्म की वृद्धि होती है। उन्होंने कहा कि जाप के लिए णमोकार मंत्र का जाप किया जा सकता है। इसके साथ ही भगवान पार्श्वनाथ एवं भगवान शांतिनाथ के मंत्रों का जाप भी श्रद्धापूर्वक किया जा सकता है। मंगल कलश की शुद्धि का अनुष्ठान जाप के माध्यम से ही पूर्ण होता है। इसलिए आध्यात्मिक ऊर्जा का संचय करने के लिए प्रत्येक श्रद्धालु को नियमित मंत्र जाप अवश्य करना चाहिए। इसी से चातुर्मास की साधना सार्थक होगी और आत्मकल्याण का मार्ग प्रशस्त होगा। मुनिश्री ने कहा कि संसार सागर से पार होने के लिए प्रभु भक्ति ही श्रेष्ठ माध्यम है। जिस प्रकार संसार के मोह-माया के बंधनों से मुक्ति पाने के लिए आत्मा को धर्म का आश्रय लेना आवश्यक है, उसी प्रकार प्रभु की भक्ति और साधना के माध्यम से जीवन को सार्थक बनाया जा सकता है।
– स्वतंत्रता दिवस पर होंगे विशेष प्रवचन
मीडिया प्रभारी रमेश वैद ने बताया कि अशोक जैन मंदिर में स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर पूज्य मुनिश्री का विशेष प्रवचन आयोजित होगा। इसमें संसार सागर से पार होने, प्रभु भक्ति, धर्म एवं आत्मकल्याण के मार्ग पर विस्तार से मार्गदर्शन दिया जाएगा। श्रद्धालुओं से अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर धर्मलाभ लेने का आह्वान किया गया। शाम 6.30 बजे गुरु भक्ति का आयोजन हुआ। इसके पश्चात छहढाला का प्रवचन एवं आरती संपन्न हुई। पूरे कार्यक्रम के दौरान मंदिर परिसर भक्तिमय वातावरण से गुंजायमान रहा।
पंडित भुवनेश शास्त्री ने बताया कि इस अवसर पर धर्म प्रभावना समिति के अध्यक्ष कुंथु कुमार जैन, चातुर्मास समिति अध्यक्ष महेंद्र टाया, प्रकाश अखावत, राजेंद्र अखावत, शशिकांत शाह, कैलाश गंगवाल, नरेंद्र टाया, जगदीश जैन, मनोज जैन, पंकज जैन, पारस जैन, हेमंत जैन, मनीष जैन, अशोक जैन, जिनेंद्र जैन सहित बड़ी संख्या में श्रावक-श्राविकाएं उपस्थित रहे। उन्होंने सभी श्रद्धालुओं से सपरिवार मंदिर पहुंचकर धार्मिक कार्यक्रमों में सहभागी बनने और धर्मलाभ लेने का आह्वान किया।
उदयपुर जैन चातुर्मास में मुनि अरहसागर महाराज का संदेश
