उदयपुर, 01 अगस्त 2026। राजस्थान कृषि महाविद्यालय, उदयपुर के बी.एससी. (कृषि) चतुर्थ वर्ष के 118 विद्यार्थियों को ग्रामीण कृषि कार्य अनुभव (RAWE) कार्यक्रम के अंतर्गत महाराणा प्रताप कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के माननीय कुलगुरु डॉ. प्रताप सिंह के मार्गदर्शन में स्वदेशी तकनीकी ज्ञान एवं कृषक समुदाय से व्यावहारिक अनुभव प्राप्त करने के उद्देश्य से विभिन्न कृषि विज्ञान केन्द्रों के लिए रवाना किया गया। महाविद्यालय के अधिष्ठाता एवं संकायाध्यक्ष डॉ. लोकेश गुप्ता ने हरी झंडी दिखाकर बसों को रवाना किया।
इस अवसर पर डॉ. लोकेश गुप्ता ने विद्यार्थियों को अनुशासित रहकर कृषक परिवारों के साथ कृषि संबंधी व्यावहारिक प्रशिक्षण प्राप्त करने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को कृषक परिवारों के साथ रहकर उनके द्वारा अपनाई जा रही समन्वित कृषि प्रणाली, विभिन्न फसलों की पारंपरिक एवं उन्नत खेती तथा पशुपालन तकनीकों का गहन अध्ययन करने का सुनहरा अवसर मिलेगा।
उन्होंने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि प्रत्येक विद्यार्थी कम से कम एक किसान के खेत पर पाँच पौधे अवश्य लगाए तथा राज्य एवं केंद्र सरकार द्वारा संचालित विभिन्न कृषि उन्नयन योजनाओं की जानकारी किसानों तक पहुँचाए। उन्होंने यह भी कहा कि यदि विद्यार्थी पूरे समर्पण एवं ईमानदारी से इस प्रशिक्षण को पूरा करेंगे तो भविष्य में कृषि आधारित उद्योग स्थापित कर स्वरोजगार के नए अवसर भी विकसित कर सकेंगे। उन्होंने बताया कि प्रशिक्षण अवधि के दौरान विद्यार्थियों का समय-समय पर निरीक्षण भी किया जाएगा।
कार्यक्रम के दौरान महाविद्यालय के विभागाध्यक्षों ने विद्यार्थियों को ग्रामीण कृषि कार्य अनुभव के साथ-साथ नवीनतम कृषि तकनीकों की जानकारी भी प्रदान की।
कार्यक्रम के समन्वयक एवं प्रसार शिक्षा विभागाध्यक्ष प्रो. राजीव बैराठी ने अतिथियों का स्वागत करते हुए RAWE कार्यक्रम की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि विद्यार्थियों की गतिविधियों का नियमित निरीक्षण समिति द्वारा किया जाएगा। उन्होंने जानकारी दी कि इस वर्ष RAWE कार्यक्रम में 44 छात्राएँ एवं 74 छात्र भाग ले रहे हैं, जिन्हें चित्तौड़गढ़, भीलवाड़ा एवं राजसमंद स्थित कृषि विज्ञान केन्द्रों पर भेजा गया है। ये विद्यार्थी 90 दिनों तक किसानों के साथ रहकर कृषि की नवीनतम तकनीकों का अध्ययन एवं व्यावहारिक अनुभव प्राप्त करेंगे।
डॉ. पूजा शर्मा, डॉ. आर.एन. कुम्हार एवं डॉ. हरि सिंह मीणा सहित अन्य सहायक प्राध्यापक विद्यार्थियों के साथ विभिन्न कृषि विज्ञान केन्द्रों तक गए। विद्यार्थियों की रवानगी के अवसर पर महाविद्यालय के विभागाध्यक्ष, वरिष्ठ संकाय सदस्य एवं विद्यार्थी अनुभाग के कर्मचारी भी उपस्थित रहे।
