उदयपुर। क्रिएन्ज़ा स्किल डेवलपमेंट सेंटर द्वारा आयोजित भव्य सम्मान समारोह में एशिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में स्थान बनाने वाले दो होनहार विद्यार्थियों व्योहम बंडी एवं गौरेक लोढ़ा का सम्मान किया गया। इस अवसर पर बच्चों ने अपनी विलक्षण प्रतिभा का ऐसा प्रदर्शन किया कि पूरा सभागार तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। शहर की प्रतिभा ने एक बार फिर राष्ट्रीय ही नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी चमक बिखेरी है।
समारोह के मुख्य अतिथि प्रसिद्ध बिजनेस कंसल्टेंट एवं ब्रांड चाणक्य के निदेशक वरुण सुराणा, उद्यमी एवं द जिद्दी दिल शो की संस्थापक हीना पाठिक, तथा अधिवक्ता, सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर एवं अभिनेता मोहित शर्मा रहे। अतिथियों ने बच्चों की असाधारण उपलब्धियों की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे प्रतिभाशाली बच्चे उदयपुर ही नहीं, बल्कि पूरे देश का गौरव हैं।
कार्यक्रम में व्योहम बंडी ने आंखों पर पट्टी बांधकर छह 9-क्यूब पजल हल करने का अद्भुत प्रदर्शन किया, जिसके लिए उनका नाम एशिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में दर्ज किया गया है। वहीं गौरेक लोढ़ा ने आंखों पर पट्टी बांधकर एक साथ दो प्रतिद्वंद्वियों के साथ शतरंज खेलते हुए दोनों मुकाबलों में विजय प्राप्त कर अपनी अनोखी क्षमता का परिचय दिया। कुनिशा कुमावत ने भी अपनी विशेष ब्लाइंडफोल्ड क्षमता का प्रभावशाली प्रदर्शन किया। अंत में तीनों बच्चों की संयुक्त प्रस्तुति ने उपस्थित सभी लोगों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
इस अवसर पर एशिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स की उपलब्धियों का भव्य अनावरण किया गया तथा अतिथियों ने बच्चों को मेडल और सम्मान-पत्र प्रदान कर उनका उत्साहवर्धन किया।
क्रिएन्ज़ा स्किल डेवलपमेंट सेंटर की संस्थापक डॉ. पश्मिना जैन ने बताया कि संस्था ने मास्टर ट्रेनर प्रवीण पारीक (ए ब्रेन कोच, जयपुर) के सहयोग से मात्र एक वर्ष में 50 से अधिक बच्चों को सेंसरी एन्हांसमेंट (ब्लाइंडफोल्ड) प्रशिक्षण प्रदान किया है। इस प्रशिक्षण के परिणामस्वरूप अब तक उदयपुर के बच्चों ने 4 इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स तथा 3 एशिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में अपना स्थान बनाया है, जो शहर के लिए गर्व का विषय है।
उन्होंने कहा कि संस्था का उद्देश्य केवल रिकॉर्ड बनाना नहीं, बल्कि बच्चों की छिपी हुई क्षमताओं को पहचानकर उन्हें आत्मविश्वासी, एकाग्र और भविष्य के लिए सक्षम बनाना है। सही मार्गदर्शन, वैज्ञानिक प्रशिक्षण और सतत अभ्यास के माध्यम से हर बच्चा अपनी असाधारण प्रतिभा को नई ऊंचाइयों तक पहुंचा सकता है।
समारोह में उपस्थित अभिभावकों एवं अतिथियों ने क्रिएन्ज़ा की इस पहल की सराहना करते हुए इसे बच्चों की प्रतिभा को नई दिशा देने वाला प्रेरणादायी अभियान बताया। कार्यक्रम ने यह संदेश दिया कि यदि बच्चों को उचित अवसर, सकारात्मक वातावरण और प्रोत्साहन मिले तो वे विश्व स्तर पर भी अपनी प्रतिभा का परचम लहरा सकते हैं।
नन्हें हुनर का बड़ा कमालः क्रिएन्ज़ा के दो विद्यार्थियों ने एशिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में दर्ज कराया नाम
