उदयपुर, 15 जून। राष्ट्रगीत भारत सरकार के नागरिक उड्डयन मंत्रालय के निर्देशानुसार, भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण द्वारा उदयपुर के महाराणा प्रताप हवाई अड्डे (डबोक) पर सोमवार को यात्री सुविधा दिवस का भव्य आयोजन किया गया। विशेष दिन के शुभारंभ पर हवाई अड्डे के परिसर में बेहद गौरवशाली और देशभक्ति से ओत-प्रोत दृश्य देखने को मिला। हवाई अड्डे के मुख्य टर्मिनल भवन के बाहर, विशाल और लहराते राष्ट्रीय ध्वज (तिरंगे) को पृष्ठभूमि में रखते हुए एक भव्य सामूहिक राष्ट्रगीत गायन का आयोजन किया गया। गौरवमयी क्षण में विमानपत्तन निदेशक सांवर मल सिंगारिया के नेतृत्व में भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण अधिकारियों एवं कर्मचारियों, केन्द्रीय औद्योगिक सुरक्षा कर्मियों, विभिन्न एयरलाइंस के प्रतिनिधियों, ग्राउंड हैंडलिंग स्टाफ, सफाई मित्रों और वहां मौजूद सम्मानित यात्रियों सहित सभी हितधारकों ने एक साथ खड़े होकर अत्यंत सम्मान के साथ वंदे मातरम का गायन किया।
महिला कर्मियों को प्रशस्ति पत्र
कार्यक्रम में हवाई अड्डे के सुचारू संचालन, स्वच्छता और यात्री सेवाओं में उत्कृष्ट योगदान देने वाले हाउसकीपिंग स्टाफ को विमानपत्तन निदेशक सांवरमल सिंगारिया एवं सुशीला सिंगारिया भाविप्रा कल्याणमयी द्वारा उपरणा पहनाकर प्रशस्ति पत्र एवं प्रोत्साहन पुरस्कार से सम्मानित किया गया। समारोह के दौरान भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण, केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल, मे आई हेल्प यू डेस्क और विभिन्न सहयोगी एजेंसियों की महिला अधिकारियों एवं कर्मचारियों को भी विमानपत्तन निदेशक ,स्थानीय अध्यक्ष, भाविप्रा कल्याणमयी एवं सुभाष सामोता, उप कमांडेंट, केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल द्वारा प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। इस सम्मान समारोह के दौरान हवाई अड्डे के वरिष्ठ अधिकारी, सीआईएसएफ के कमांडेंट, एयरलाइंस के स्टेशन मैनेजर्स और बड़ी संख्या में हवाई यात्री मौजूद रहे, जिन्होंने करतल ध्वनि से इन राष्ट्र निर्माताओं का उत्साहवर्धन किया। निदेशक श्री सिंगारिया ने बताया कि हवाई अड्डे पर राजस्थानी संस्कृति का अनूठा उत्सवय तिलक लगाकर यात्रियों का हुआ स्वागत किया गया। इस अवसर पर यात्रियों के लिए एक बेहद सुखद और अविस्मरणीय अनुभव का आयोजन किया गया। हवाई अड्डे पर पहुंचे देश-विदेश के पर्यटकों और यात्रियों का स्वागत मेवाड़ी परंपरा के अनुसार तिलक लगाकर किया गया। इस स्वागत के साथ ही पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए सभी यात्रियों को पौधे उपहार में दिए गए और उनके सफर को आरामदायक बनाने के लिए भोजन पैकेट प्रदान किए गए। इस विशेष अवसर पर हवाई अड्डा प्रशासन द्वारा टर्मिनल परिसर में जीवंत सांस्कृतिक और पारंपरिक कला गतिविधियों का आयोजन किया गया, जो यात्रियों के लिए मुख्य आकर्षण का केंद्र रहीं।
मुलेला और कुंभकारी कला का लाइव प्रदर्शन
राजस्थान की प्रसिद्ध मुलेला टेराकोटा कला’ और कुंभकारी कला के लाइव स्टॉल लगाए गए। यात्रियों ने स्वयं चाक पर बैठकर मिट्टी के पात्र और कलाकृतियां बनाने का अनुभव लिया। पारंपरिक कलाओं के साथ-साथ महिला यात्रियों और बच्चों के लिए आधुनिक नेल आर्ट काउंटर की व्यवस्था भी की गई, जिसका महिला यात्रियों ने भरपूर आनंद उठाया। हवाई अड्डे पर आने और जाने वाले यात्रियों ने इन सांस्कृतिक गतिविधियों में बढ़-चढ़कर भाग लिया। कई विदेशी पर्यटक राजस्थानी मिट्टी शिल्प को करीब से देखकर मंत्रमुग्ध हो गए। यात्रियों ने हवाई अड्डा प्रशासन की इस अनूठी पहल की सराहना करते हुए कहा कि हवाई अड्डे पर इस तरह का स्वागत और सांस्कृतिक अनुभव उनके सफर को हमेशा के लिए यादगार बना देता है। यात्रियों की सुरक्षा और विश्वस्तरीय सुविधाओं के साथ-साथ उनके उत्तम स्वास्थ्य को प्राथमिकता देते हुए एयरपोर्ट के टर्मिनल भवन में इस अवसर पर एक विशाल निःशुल्क स्वास्थ्य जांच शिविरएवं नेत्र जांच शिविर का आयोजन किया गया। यह विशेष चिकित्सा शिविर हवाई अड्डे के डिपार्चर हॉल और सिक्योरिटी होल्ड एरिया में लगाया गया, ताकि उड़ान का इंतजार कर रहे यात्री बिना किसी परेशानी के अपनी सेहत की जांच करवा सकें। शिविर में विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम द्वारा यात्रियों के ब्लड प्रेशर, शुगर लेवल और सामान्य स्वास्थ्य की तत्परता से जांच की गई। हवाई यात्रा पर निकलने से ठीक पहले मिली इस त्वरित स्वास्थ्य सेवा का सैकड़ों यात्रियों ने लाभ उठाया और हवाई अड्डा प्रशासन के इस संवेदनशील प्रयास की सराहना की । यात्री सुविधा और सतत विकास के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को दोहराते हुए हवाई अड्डा परिसर में निदेशक श्री सिंगारिया, सुभाष सामोता, उप कमांडेंट, केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल एवं मिराज ग्रुप के अध्यक्ष मदन पालीवाल जी के नेतृत्व में हवाई अड्डा कार्मिकों ने मिलकर टर्मिनल भवन के बाहरी परिसर और हरित पट्टियों में विभिन्न प्रजातियों के छायादार और फलदार पौधे लगाए।
