एफआईईओ, हायवीपे एक्सिम, डिलीवरी एवं बीसीआई के संयुक्त आयोजन में उदयपुर के उद्यमियों को निर्यात और ई-कॉमर्स की दी गई जानकारी
उदयपुर। भारतीय निर्यात संगठन महासंघ (एफआईईओ), हायवीपे एक्सिम, डिलीवरी लिमिटेड एवं बिजनेस सर्कल इन्टरनेशनल (बीसीआई) के संयुक्त तत्वावधान में ‘स्थानीय से वैश्विक: उदयपुर के विक्रेता ई-कॉमर्स व्यवसाय कैसे स्थापित करें और उसे वैश्विक स्तर तक कैसे पहुंचाएं’ विषय पर एक विशेष जागरूकता एवं प्रशिक्षण सत्र का आयोजन रेगेंटा सेंट्रल, उदयपुर में किया गया।
कार्यक्रम में एफआईईओ राजस्थान प्रमुख भूपिंदर सिंह, हायवीपे एक्सिम की संस्थापक गीता चौहान, डिलीवरी लिमिटेड के व्यवसाय विकास प्रबंधक मयंक अग्रवाल, चार्टर्ड अकाउंटेंट विनीत जैन, बीसीआई के संस्थापक मुकेश माधवानी तथा वॉलमार्ट वृद्धि कार्यक्रम के प्रतिनिधि विशेष शर्मा मंचासीन रहे।
कार्यक्रम की शुरुआत करते हुए भूपिंदर सिंह ने सभी प्रतिभागियों का स्वागत किया और बताया कि एफआईईओ देश का प्रमुख निर्यात संवर्धन संगठन है, जो भारतीय निर्यातकों को नीतिगत सहयोग, प्रशिक्षण, क्षमता विकास तथा अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंच बनाने में महत्वपूर्ण सहायता प्रदान करता है।
गीता चौहान ने कहा कि आने वाला दशक उन व्यवसायों का होगा जो शुरुआत से ही वैश्विक सोच के साथ कार्य करेंगे। उन्होंने बताया कि हायवीपे एक्सिम भारतीय उद्यमों को अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंच, सीमापार भुगतान प्रबंधन तथा वैश्विक स्तर पर विस्तार के लिए आवश्यक सुविधाएं और सहयोग उपलब्ध करा रहा है।
वॉलमार्ट वृद्धि कार्यक्रम के कार्यान्वयन सहयोगी संगठन के वरिष्ठ प्रबंधक विशेष शर्मा ने कहा कि भारतीय सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम डिजिटल व्यापार और वैश्विक ऑनलाइन बाजारों का उपयोग कर पारंपरिक सीमाओं से बाहर निकल सकते हैं। उन्होंने बताया कि वॉलमार्ट वृद्धि कार्यक्रम के माध्यम से देशभर के उद्यमियों को निःशुल्क प्रशिक्षण, व्यक्तिगत मार्गदर्शन, व्यवसाय पंजीकरण सहायता तथा बाजार तक पहुंच के अवसर प्रदान किए जा रहे हैं, जिससे वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपने व्यवसाय का विस्तार कर सकें।
चार्टर्ड अकाउंटेंट विनीत जैन ने निर्यात से संबंधित कानूनी एवं तकनीकी प्रक्रियाओं पर विस्तृत जानकारी देते हुए वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी), आयात-निर्यात कोड (आईईसी), आईसगेट पंजीकरण, एडी कोड पंजीकरण तथा डाक निर्यात बिल की प्रक्रिया को सरल भाषा में समझाया। उन्होंने राजस्थान सरकार द्वारा निर्यात प्रोत्साहन के लिए संचालित विभिन्न अनुदान योजनाओं, ई-कॉमर्स निर्यात सहायता, गुणवत्ता प्रमाणन सहायता तथा माल भाड़ा प्रतिपूर्ति योजनाओं की भी जानकारी दी।
मयंक अग्रवाल ने कहा कि ई-कॉमर्स निर्यात तेजी से बढ़ रहा है और निर्यातकों के लिए सही लॉजिस्टिक साझेदार का चयन अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने बताया कि व्यापक वैश्विक नेटवर्क, समयबद्ध डिलीवरी और उत्पाद की शुरुआत से अंतिम गंतव्य तक ट्रैकिंग की सुविधा खरीदारों का विश्वास बढ़ाती है। इससे ग्राहकों की संतुष्टि बढ़ती है और बिक्री में भी उल्लेखनीय वृद्धि होती है। उन्होंने डिलीवरी लिमिटेड की वैश्विक लॉजिस्टिक्स सेवाओं की जानकारी भी साझा की।
कार्यक्रम के दौरान उदयपुर के अनेक उद्यमियों, व्यापारियों, स्टार्टअप प्रतिनिधियों और निर्यात में रुचि रखने वाले युवाओं ने सक्रिय सहभागिता की तथा विशेषज्ञों से अपने प्रश्नों के उत्तर प्राप्त किए। आयोजन का मुख्य उद्देश्य स्थानीय व्यवसायों को डिजिटल माध्यम से वैश्विक बाजारों से जोड़ना तथा उदयपुर के उद्यमियों को निर्यात और ई-कॉमर्स के नए अवसरों के प्रति जागरूक करना रहा।
