गुलाब बाग की कमल तलाई पर आयोजित कार्यक्रम में पौधारोपण, ऊर्जा संरक्षण और सिंगल यूज प्लास्टिक मुक्त जीवन का लिया संकल्प
उदयपुर। विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर अणुव्रत समिति उदयपुर द्वारा गुलाब बाग स्थित कमल तलाई पर पर्यावरण जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में पर्यावरण संरक्षण, पौधारोपण, ऊर्जा बचत और सिंगल यूज प्लास्टिक के बहिष्कार का संदेश देते हुए उपस्थित नागरिकों को प्रकृति के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाने का आह्वान किया गया।
मुख्य वक्ता एवं पूर्व मुख्य वन संरक्षक आर.के. जैन ने एक प्रेरक कहानी के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण की आवश्यकता को सरल शब्दों में समझाया। उन्होंने कहा कि यदि आज हम पर्यावरण के प्रति गंभीर नहीं हुए तो आने वाली पीढ़ियों को जल, वायु और प्राकृतिक संसाधनों के गंभीर संकट का सामना करना पड़ेगा। उन्होंने बताया कि मनुष्य का सम्पूर्ण जीवन वृक्षों और पौधों पर आधारित है, इसलिए प्रत्येक व्यक्ति को कम से कम एक पौधा लगाकर उसकी देखभाल का संकल्प लेना चाहिए। उन्होंने सिंगल यूज प्लास्टिक के बढ़ते दुष्प्रभावों पर चिंता व्यक्त करते हुए इसके उपयोग से बचने की अपील की।
इस अवसर पर राजेंद्र सिंह सिंघवी ने सौर ऊर्जा के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि सोलर सिस्टम का अधिकाधिक उपयोग पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक प्रभावी कदम है। इससे ऊर्जा की बचत के साथ प्रदूषण में भी कमी लाई जा सकती है।
कार्यक्रम में अणुव्रत समिति के उपाध्यक्ष सुनील इंटोदिया ने अतिथियों एवं उपस्थितजनों का स्वागत किया। संचालन राजेंद्र सेन ने किया तथा लक्ष्मी कोठारी ने आभार व्यक्त किया। उन्होंने सभी को प्रतिदिन दो घंटे एसी बंद रखने, बिजली की बचत करने तथा अपने जन्मदिवस पर एक पौधा लगाकर उसकी नियमित देखभाल करने का संकल्प दिलाया।
कार्यक्रम में संगिनी मेन ग्रुप उदयपुर के सदस्यों ने भी उत्साहपूर्वक सहभागिता निभाई। इसके साथ ही गुलाब बाग समिति और फतेह स्कूल वाटिका के संस्था प्रधान भी उपस्थित रहे।
अणुव्रत समिति से उपाध्यक्ष सुनील इंटोदिया, संगठन मंत्री सुनील खोखावत, उपाध्यक्ष कुंदन भटेवरा, राजेंद्र सेन, मंत्री लक्ष्मी कोठारी, प्रकाश सुराणा, प्रकाश पितलिया, मंजू इंटोदिया, मधु सुराणा, प्रतिभा सुराणा, चंद्रकला कोठारी, आशा मोगरा एवं प्रो. साधना कोठारी सहित अनेक सदस्यों ने अपनी सक्रिय उपस्थिति दर्ज कराई।
समिति अध्यक्ष प्रणिता तलेसरा ने बताया कि कार्यक्रम का उद्देश्य केवल पर्यावरण दिवस मनाना नहीं, बल्कि लोगों में प्रकृति संरक्षण के प्रति स्थायी जागरूकता पैदा करना है, ताकि हर व्यक्ति अपने स्तर पर पर्यावरण बचाने में योगदान दे सके।
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