शिक्षित एवं लक्ष्यनिष्ठ युवा ही समाज की शक्तिः डॉ. एच. आर. दवे
आईएएस-आरएएस सहित उच्च सेवाओं में चयन बढ़ाने हेतु शिक्षा प्रकोष्ठ की व्यापक कार्ययोजना
उदयपुर, 21 मई। विप्र समाज के विद्यार्थियों को प्रशासनिक एवं उच्च राजकीय सेवाओं में अधिकाधिक प्रतिनिधित्व दिलाने तथा समाज में शैक्षिक एवं प्रतियोगी चेतना का वातावरण निर्मित करने के उद्देश्य से विप्र फाउंडेशन के शिक्षा, रोजगार एवं प्रतियोगी परीक्षा प्रकोष्ठ की महत्वपूर्ण बैठक बुधवार 20 मई को राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य डॉ. एच. आर. दवे की अध्यक्षता में आयोजित हुई। बैठक में युवाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं के प्रति जागरूक करने एवं संगठित मार्गदर्शन उपलब्ध कराने के लिए कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।
शिक्षा, रोजगार एवं प्रतियोगी परीक्षा के प्रदेश सचिव गणेश नागदा ने बताया कि बैठक में तय किया गया कि प्रकोष्ठ से जुड़े पदाधिकारी अपने-अपने समाज क्षेत्रों के नोहरे, छात्रावास, धर्मशालाओं, वाटिकाओं एवं सामुदायिक भवनों में प्रतियोगी परीक्षार्थियों के लिए मार्गदर्शन, प्रेरणा एवं करियर परामर्श सेमिनार आयोजित करेंगे। इन सेमिनारों में आईएएस, आईपीएस, आरएएस, आरपीएस, आरटीएस, आरजेएस सहित केंद्र एवं राज्य सरकार की विभिन्न सेवाओं से संबंधित सिलेबस, परीक्षा प्रणाली, रिक्त पदों, परीक्षा कैलेंडर, अध्ययन रणनीति एवं सफलता के व्यावहारिक पहलुओं पर विशेषज्ञों द्वारा जानकारी दी जाएगी।
सचिव गणेश नागदा ने बताया कि बैठक में युवाओं को केवल सरकारी सेवाओं तक सीमित न रखते हुए निजी क्षेत्र में उपलब्ध रोजगार एवं प्लेसमेंट संभावनाओं के प्रति भी जागरूक करने पर जोर दिया गया, ताकि वे बदलते समय के अनुरूप विभिन्न करियर विकल्पों का चयन कर सकें।
प्रकोष्ठ द्वारा जून अथवा जुलाई माह में उदयपुर में एक भव्य आईएएस-आरएएस मार्गदर्शन एवं प्रतिभा सम्मान सेमिनार” आयोजित करने का निर्णय भी लिया गया। इसमें समाज के सफल प्रशासनिक अधिकारी, चयनित अभ्यर्थी एवं मेधावी विद्यार्थी अपने अनुभव एवं सफलता के सूत्र साझा करेंगे। साथ ही प्रतिभावान विद्यार्थियों का सम्मान भी किया जाएगा।
बैठक में प्रत्येक पदाधिकारी से अपनी-अपनी विप्र उपजातियों में कम से कम दो शैक्षिक जागरूकता एवं प्रतियोगी परीक्षा मार्गदर्शन सेमिनार आयोजित करवाने का आह्वान किया गया। समाजहित में भामाशाहों एवं दानदाताओं से आर्थिक सहयोग प्राप्त कर इस अभियान को व्यापक स्वरूप देने की भी अपील की गई।
अपने उद्बोधन में डॉ. एच. आर. दवे ने कहा कि “शिक्षित, जागरूक एवं लक्ष्यनिष्ठ युवा ही किसी भी समाज के उज्ज्वल भविष्य की वास्तविक आधारशिला होते हैं।” उन्होंने कहा कि यदि समाज संगठित रूप से शिक्षा एवं प्रतियोगी परीक्षाओं के क्षेत्र में कार्य करेगा तो आने वाले समय में विप्र समाज के अधिकाधिक युवा प्रशासनिक एवं उच्च सेवाओं में चयनित होकर समाज और राष्ट्र का गौरव बढ़ाएंगे।
बैठक में राजेश पालीवाल, नीरज नागदा, दिनेश शुक्ला सहित अनेक पदाधिकारी एवं समाजजन उपस्थित रहे।
प्रतियोगी परीक्षाओं में विप्र युवाओं की भागीदारी बढ़ाने को समाजव्यापी अभियान शुरू
