झाड़ोल, सलूम्बर, 15मई। भा.कृ.अनु.प. – राष्ट्रीय मृदा सर्वेक्षण एवं भूमि उपयोग नियोजन ब्यूरो (ICAR-NBSS&LUP), क्षेत्रीय केन्द्र, उदयपुर द्वारा “मेरा गांव मेरा गौरव (MGMG)” एवं “मृदा स्वास्थ्य प्रबंधन एवं संतुलित उर्वरक उपयोग” विषय पर किसान जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन ग्राम पंचायत झाड़ोल, जिला सलूम्बर में किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता डॉ. बी. एल. मीना, प्रधान वैज्ञानिक एवं क्षेत्रीय केन्द्र प्रमुख द्वारा की गई तथा मुख्य अतिथि ग्राम पंचायत झाड़ोल की सरपंच श्रीमती बसंती देवी मीणा रहीं।
कार्यक्रम में किसानों को मृदा स्वास्थ्य प्रबंधन, संतुलित उर्वरक उपयोग, एकीकृत पोषक तत्व प्रबंधन, जैविक खाद एवं टिकाऊ खेती के महत्व के बारे में जानकारी दी गई। डॉ. बी. एल. मीना ने मृदा परीक्षण आधारित उर्वरक उपयोग एवं मृदा स्वास्थ्य कार्ड की उपयोगिता पर प्रकाश डालते हुए किसानों को वैज्ञानिक तरीके से मिट्टी के नमूने लेने, गोबर खाद एवं वर्मी कम्पोस्ट के उपयोग की जानकारी प्रदान की।
डॉ. अजिन एस. अनिल ने किसानों को विभिन्न उर्वरकों की पहचान, उनके संतुलित उपयोग तथा फसलों में पोषक तत्वों की कमी के लक्षणों के बारे में जानकारी दी। साथ ही जीवामृत, घन जीवामृत एवं जैव उर्वरकों के उपयोग एवं उनके लाभों पर भी विस्तार से चर्चा की गई।
डॉ. अजीत कुमार मीणा ने एकीकृत कृषि प्रणाली, फसल अवशेष प्रबंधन एवं संसाधन पुनर्चक्रण के महत्व पर व्याख्यान दिया। उन्होंने बताया कि फसल अवशेषों एवं जैविक संसाधनों के उचित उपयोग से मृदा की उर्वरता, मृदा स्वास्थ्य एवं किसानों की आय में वृद्धि की जा सकती है।
कार्यक्रम में लगभग 80-90 किसानों, जिनमें महिला किसान भी शामिल थीं, ने भाग लिया। किसानों ने कार्यक्रम को उपयोगी एवं ज्ञानवर्धक बताते हुए वैज्ञानिकों से विभिन्न कृषि समस्याओं पर चर्चा की। कार्यक्रम का समापन किसानों के साथ संवाद एवं धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ।
