भरतपुर में 33वीं सारस गणना केवलादेव राष्ट्रीय उद्यान से प्रारंभ हुई

सारस गणना के लिए पूरे राष्ट्रीय उद्यान को 12 जोन्स में विभाजित किया गया
गणना से पूर्व घना निदेशक नाहर सिंह, पूर्व सांसद पण्डित रामकिशन एवं केवलादेव नेचुरल हिस्ट्री सोसायटी के कृष्ण कुमार ने सालिम अली सेन्टर पर संगोष्ठी को सम्बोधित किया

भरतपुर। भरतपुर में 33वीं सारस गणना रविवार को केवलादेव राष्ट्रीय उद्यान से शुरू हुई। इससे पूर्व सालिम अली सेन्टर पर एक संगोष्ठी का आयोजन पूर्व सांसद पण्डित रामकिशन की अध्यक्षता में किया गया। जिसमें पानी के अभाव में भरतपुर जिले एवं राष्ट्रीय उद्यान का अस्तित्व खतरे में विषय पर महत्वपूर्ण चिन्तकों, विचारकों के साथ संगोष्ठी भी आयोजित हुई। संगोष्ठी में पण्डित रामकिशन ने ईआरसीपी योजना पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि इस योजना के लागू होने के बाद पानी की कमी नहीं रहेगी। इस मौके पर ने केवलादेव राष्ट्रीय उद्यान के बारे में बच्चों को बताया। संगोष्ठी में काका रघुराज सिंह ने केवलादेव राष्ट्रीय उद्यान के महत्व के बारे में जानकारी दी। संगोष्ठी में विभिन्न स्कूलों के बच्चों ने भाग लेकर कई महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त की। कृष्ण कुमार अध्यक्ष घना केवलादेव नेचुरल सोसायटी ने बताया कि सारसों को बचाना पर्यावरण एवं वैटलेण्डस को बचाना है। घना केवलादेव नेचुरल हिस्ट्री सोसायटी के अध्यक्ष एवं राष्ट््रीय उद्यान केे भूतपूर्व अवैतनिक वाईल्ड लाईफ वार्डन कृष्ण कुमार एडवोकेट ने बताया कि 33वीं सारस गणना के लिए पूरे राष्ट्रीय उद्यान को 12 जोन्स में विभाजित किया गया एवं भरतपुर जिले एवं उत्तर प्रदेश के सटे हुए क्षेत्रों को पांच क्षेत्रों में बांटा जाकर इस अद्वितीय सारस गणना को आयोजित किया जा रहा है
बाइट कृष्ण कुमार अध्यक्ष घना केवलादवे नेचुरल सोसायटी

By Udaipurviews

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