270 एकासन तप के साथ मनाया आचार्यश्री का जन्मोत्सव

उदयपुर, 26 सितम्बर। श्री हुक्मगच्छीय साधुमार्गी स्थानकवासी जैन श्रावक संस्थान के तत्वावधान में केशवनगर स्थित नवकार भवन में चातुर्मास कर रही महासती विजयलक्ष्मी जी म.सा. की निश्रा में आचार्य श्री विजयराज जी म.सा. के 67वें जन्म दिवस के अवसर पर नौ दिवसीय आराधना पखवाड़े के अन्तर्गत शुक्रवार को सामूहिक एकासन एवं सामूहिक तेले का आयोजन किया गया।
श्रीसंघ अध्यक्ष इंदर सिंह मेहता ने बताया कि शुक्रवार को नवकार भवन में महासती श्री विजयलक्ष्मी जी म.सा. की निश्रा में आचार्य श्री विजयराज जी म.सा. के 67वें जन्म दिवस, साधुश्रेष्ठ श्री पारस मुनि जी म.सा., मुनिश्रेष्ठ श्री प्रेम मुनि जी म.सा. के 60वें जन्म दिवस के अवसर पर सामूहिक एकासना का आयोजन किया गया जिसमें 270 श्रावक-श्राविकाओं ने भाग लिया। वहीं 150 श्रावक-श्राविकाओं ने एकासन तेले तप की आराधना की। सभी एकासन तपाराधकों के लिए भोजनशाला में भोजन की व्यवस्था श्रीसंघ की ओर से की गई। इससे पूर्व धर्मसभा को सम्बोधित करते हुए महासती श्री विजयलक्ष्मी जी म.सा. ने फरमाया कि आप तीनों महापुरूष वय स्थविर, पर्याय स्थविर एवं श्रुत स्थविर हैं। गुणों का मनन करना मनोयोग है, गुणों का कथन करना वचन योग है एवं गुणों का जीवन में आचरण करना काय योग है। करोड़ों की निधि देकर भी मन-वचन-काय योग की निधि खरीदी नहीं जा सकती है। श्रीसंघ मंत्री पुष्पेंद्र बड़ाला ने बताया कि धर्मसभा में श्रीसंघ अध्यक्ष इंदर सिंह मेहता, मीडिया प्रभारी डॉ. हंसा हिंगड़ ने गुणानुवाद किया। वहीं भोजनशाला में युवा संघ अध्यक्ष दिपेश बोकड़िया व मंत्री अंकित बोलिया के नेतृत्व में युवा साथियों ने परोसकारी व्यवस्था को संभाला।

By Udaipurviews

Related Posts

error: Content is protected !!