-जनार्दन राय नागर राजस्थान विद्यापीठ ने बढ़ाया हाथ, कुलगुरु प्रो. सारंगदेवोत ने की व्यापक जनसहभागिता की अपील
उदयपुर। वैश्विक स्तर पर पर्यावरण संरक्षण और ऊर्जा बचत के लिए मनाए जाने वाले ‘अर्थ आवर’ को लेकर उदयपुर में तैयारियां जोरों पर हैं। जनार्दन राय नागर राजस्थान विद्यापीठ (डीम्ड टू बी यूनिवर्सिटी) ने 22 मार्च (शनिवार) को रात 8:30 से 9:30 बजे तक बिजली बंद रखकर इस वैश्विक पहल को समर्थन देने की घोषणा की है।
कुलगुरु प्रो. शिव सिंह सारंगदेवोत ने उदयपुरवासियों से इस अभियान में भाग लेने की अपील करते हुए कहा कि ‘अर्थ आवर’ केवल प्रतीकात्मक रूप से एक घंटे बिजली बंद करने का कार्यक्रम नहीं है, बल्कि यह जलवायु परिवर्तन के विरुद्ध एक वैश्विक संदेश है। प्रो. सारंगदेवोत ने कहा कि ऊर्जा बचत और पर्यावरण संरक्षण आज की सबसे बड़ी जरूरत बन चुकी है और छोटे-छोटे प्रयासों से ही हम स्थायी भविष्य की ओर अग्रसर हो सकते हैं। उन्होंने सभी नागरिकों से ‘अर्थ आवर’ में सक्रिय सहभागिता निभाने और अपने आसपास के लोगों को भी इस पहल से जोड़ने का आग्रह किया।
कुलगुरु प्रो. सारंगदेवोत ने कहा कि जलवायु परिवर्तन का प्रभाव अब हर जगह स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है। बढ़ते तापमान, अनियमित मौसमी बदलाव और प्राकृतिक आपदाओं की आवृत्ति में वृद्धि ने यह सिद्ध कर दिया है कि हमें अपने व्यवहार में बदलाव लाना होगा। ‘अर्थ आवर’ अभियान इसी दिशा में एक सार्थक पहल है।
जनार्दन राय नागर राजस्थान विद्यापीठ ने इस अभियान को जन-जन तक पहुंचाने के लिए विशेष जागरूकता कार्यक्रम शुरू किए हैं। विश्वविद्यालय के विभिन्न संस्थानों में विद्यार्थियों, शिक्षकों और कर्मचारियों के बीच पोस्टर, स्लोगन और संवाद श्रृंखला के माध्यम से ऊर्जा संरक्षण का महत्व बताया जा रहा है।
साथ ही, विद्यापीठ ने स्थानीय संगठनों, मोहल्ला समितियों और स्वयंसेवी संस्थाओं को भी इस पहल से जोड़ने के प्रयास शुरू कर दिए हैं।‘अर्थ आवर’का संदेश स्पष्ट है- ऊर्जा की बचत करके हम न केवल अपने बिल में कमी कर सकते हैं, बल्कि धरती के कार्बन फुटप्रिंट को भी घटा सकते हैं। यह हमारी आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ और सुरक्षित पर्यावरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
विश्वविद्यालय प्रशासन में कुलपति प्रो सारंगदेवोत कुलाधिपति भंवर लाल गुर्जर, कुलसचिव तरुण श्रीमाली पीठ स्थविर डॉ कौशल नागदा, परीक्षा नियंत्रक पारस जैन , प्रो जी के माथुर आदि ने भी अर्थ आवर के महत्व पर प्रकाश डालते हुए शहर के प्रत्येक नागरिक से इस एक घंटे के लिए बिजली बंद कर प्रकृति के साथ जुड़ने और ऊर्जा संरक्षण का संकल्प लेने का अनुरोध किया है। इस पहल के तहत जन जागरूकता बढ़ाने के लिए विभिन्न शैक्षणिक परिसरों में गोष्ठियों, नुक्कड़ नाटकों और संवाद सत्रों का आयोजन भी किया जा रहा है।
