पोषक अनाज घर-घर तक के लिए मिशन मोड पर भारत – प्रो. सारंगदेवोत

विद्यापीठ – मिलेट्स एज़ सूपरफूड पर राष्ट्रीय वेबीनार का आयोजन
उदयपुर। जनार्दनराय नागर राजस्थान विद्यापीठ (डीम्ड टू बी विश्वविद्यालय) के संघटक महाविद्यालय स्कूल ऑफ एग्रीकल्चरल साइंसेज़, डबोक द्वारा ‘‘मिलेट्स एज़ सूपरफूड: गुड फॉर यू’’ (‘‘पोषक अनाज आप के लिए उपयोगी‘‘) विषय पर एक दिवसीय राष्ट्रीय वेबीनार का आयोजन किया गया।
अध्यक्षता करते हुए कुलपति कर्नल प्रो. एस.एस. प्रो. सांरगदेवोत ने कहा कि आज़ादी के अमृत महोत्सव के एक अभिन्न अंग के रूप में, भारत सरकार पोषक अनाज के अंतरराष्ट्रीय वर्ष 2023 को एक जन आंदोलन बनाने के लिए मना रही है ताकि भारतीय पोषक अनाज जिसमें बाजरा, रागी, कुटकी, सांवा, ज्वार, कंगनी, चना, कोदो शामिल है, से निर्मित व्यंजनों और मूल्यवर्धित उत्पादों को विश्व स्तर पर स्वीकार किया जा सके।
जब से भारत के, घरेलू और वैश्विक मांग पैदा करने और लोगों को पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराने के लिए, संयुक्त राष्ट्र ने वर्ष 2023 को अंतरराष्ट्रीय पोषक अनाज वर्ष के रूप में घोषित करने के प्रस्ताव को स्वीकार किया है, तब से यह दुनिया भर में पोषक अनाज को रसोई तक ले जाने के लिए मिशन मोड में काम कर रहा है। प्रधानमंत्री ने पोषक अनाज को श्रीअन्न घोषित किया है जो कि भारतीयों के लिए विकास का माध्यम बन रहा है। जी-20 प्रेसीडेंसी के लिए भारत के एक पृथ्वी, एक परिवार, एक भविष्य के आदर्श वाक्य में भी यह अंतरराष्ट्रीय वर्ष परिलक्षित होता है।
तकनीकी सत्र की शुरुआत वर्तमान परिदृश्य में मोटे अनाज की उपयोगिता और यह स्वास्थ्य के लिए किस प्रकार लाभकारी है, पर चर्चा से प्रारंभ हुई।

प्रारंभ में अधिष्ठाता प्रो. जी.के. माथुर ने स्वागत उद्बोधन देते हुए विषय की जानकारी प्रदान की।
एम.पी.यू.टी से आमंत्रित स्पीकर डॉ. रेनु मोगरा ने ‘‘शरीर में सूक्ष्म पोषक तत्वों की कमी, अधिक वजन और मोटापे से उबरने में मोटे अनाज के महत्व‘‘ के संबंध में जानकारी दी। स्वास्थ्य और रोगों के उपचार में मोटे अनाज की भूमिका पर प्रकाश डाला एवं महत्वपूर्ण जानकारी साझा की।
चैधरी चरण सिंह यूनिवर्सिटी से आमंत्रित स्पीकर डॉ. आशा क्वात्रा ने ‘‘खाद्य एवं पोषण सुरक्षा के लिए पोषक अनाज की विशेष भूमिका’’ विषय पर जानकारी साझा की। उन्होंने मोटे अनाज से जुड़े व्यापार के अवसरों जैसे मूल्यवर्धित उत्पाद, विपणन और स्थायी मोटे अनाज आधारित उद्यम बनाने पर जानकारी प्रस्तुत की।
कार्यक्रम का संचालन एवं धन्यवाद ज्ञापन डॉ. सुरभि त्यागी ने किया।
वेबीनार का तकनीकी समन्वयन डॉ. चंद्रेश कुमार छतलानी ने किया। तकनीकी सहयोग सौरभ राठौड़, डॉ. ध्वनि शर्मा, विकास डांगी ने किया।
वेबीनार में डॉ. आई.जे. माथुर, डॉ. अरूणा परिहार, डॉ. एन.एस. सोलंकी, डॉ. ए.एस जोधा, केंप कमाडेट एडम ऑफिसर राज बटालियन एन.सी.सी. कर्नल विवेक चतुर्वेदी, महाविद्यालय के संकाय सदस्यों सहित 850 प्रतिभागियों ने भाग लिया जिनमे विभिन्न महाविद्यालयों के विद्यार्थियों व 450 एन.सी.सी. केडेट्स शामिल थे।
उक्त जानकारी निजी सचिव कृष्णकांत कुमावत ने दी।
By Udaipurviews

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