मुंबई, दिल्ली-चेन्नई की कंपनियों के खिलाफ थ्प्त्य आतंकी संगठनों को फंडिंग का शक
लखनऊ। यूपी सरकार हलाल सर्टिफिकेट से जुड़े उत्पादों पर सख्त नियम बनाकर बैन लगा सकती है। आशंका है कि हलाल सर्टिफिकेशन के नाम पर अवैध कारोबार हो रहा है। यही नहीं, सर्टिफिकेशन से अवैध कमाई हो रही है, जिससे आतंकी संगठनों और राष्ट्र विरोधी गतिविधियों को फंडिंग की जा रही है। इस मामले पर सीएम योगी आदित्यनाथ ने संज्ञान लिया है। उन्होंने सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। इधर, लखनऊ के हजरतगंज थाने में गुरुवार 16 नवंबर को हलाल सर्टिफिकेट के खिलाफ थ्प्त् दर्ज हुई। ऐशबाग के रहने वाले शैलेंद्र कुमार शर्मा ने यह एफआईआर कराई है। इसमें हलाल इंडिया प्राइवेट लिमिटेड चेन्नई, जमीयत उलेमा हिंद ट्रस्ट दिल्ली, हलाल काउंसिल ऑफ इंडिया मुंबई, जमीयत उलेमा मुंबई के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई है। इस मामले में हजरतगंज थाने के इंचार्ज एसआई विक्रम सिंह ने बताया कि केस दर्ज कर लिया गया है। जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी। आरोप है कि यह कंपनियां हलाल सर्टिफिकेट अलग-अलग प्रोडक्ट्स के लिए जारी कर रही हैं। यह कंपनियां हलाल सर्टिफिकेट अलग-अलग प्रोडक्ट्स के लिए जारी कर रही हैं। इससे लोगों की आस्था के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। यूपी में हलाल सर्टिफिकेट देकर एक धर्म विशेष के ग्राहकों को धर्म के नाम पर कुछ उत्पादों की ब्रिकी बढ़ाने के लिए आर्थिक फायदा दिया जा रहा है। ये गैर कानूनी है। इससे कई लोगों की भावनाएं आहत हो रही है। मैंने पुलिस में इसकी तहरीर दी थी। पुलिस ने एफआईआर दर्ज करके कार्रवाई का भरोसा दिया है।
हलाल सर्टिफिकेशन पर योगी ने संज्ञान लिया, कार्रवाई संभव
