एमपीयूएटी में मनाया विश्व जल दिवस

उदयपुरः 22 मार्च 2026। आज 22 मार्च 2026 को विश्व जल दिवस के अवसर पर, सीटीएई, एमपीयूएटी के मृदा एवं जल अभियांत्रिकी विभाग ने जल और लैंगिक समानता विषय पर एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया। यह कार्यक्रम सीटीएई फार्म में स्थित सुंदर बाई की बावड़ी पर मनाया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि प्रो. प्रताप सिंह, कुलगुरु, एमपीयूएटी, उदयपुर एवं विशिष्ट अतिथि प्रो. बसंत माहेश्वरी, निदेशक, ऑस्ट्रेलिया इंडिया वाटर सेंटर, वेस्टर्न सिडनी यूनिवर्सिटी, ऑस्ट्रेलिया रहे। कार्यक्रम में सुंदर बाई की बावड़ी की साफ सफाई महाविद्यालय के छात्रों एवं विश्वविद्यालय के कर्मचारियों ने मिलकर की, उसके उपरांत एनसीसी के छात्र-छात्राओं द्वारा विश्व जल दिवस पर पोस्टर द्वारा जल की महत्वता को प्रदर्शित किया।

कार्यक्रम का आरंभ जल पूजन के साथ हुआ, जो कि एक वैदिक परम्परा है। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि प्रो. प्रताप सिंह, कुलगुरु ने संदेश दिया कि भारत दुनिया में सर्वाधिक जनसंख्या वाला देश है एवं यहाँ विश्व के सिर्फ 4 प्रतिशत जल स्रोत उपलब्ध है। अतः हमें जल का उपयोग बहुत सोच समझ कर करना चाहिए। विश्वविद्यालय कम पानी में अधिक पैदावार देने वाली फसलों पर लगातार अनुसंधान कर रहा है, जिससे हमें सीमित संसाधनों में भी अधिक उत्पादन मिल सके। कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि प्रो. बसंत माहेश्वरी, वेस्टर्न सिडनी यूनिवर्सिटी, ऑस्ट्रेलिया ने  गाँव-स्तरीय हस्तक्षेप के माध्यम से जलभंडार पुनर्भरण का प्रबंधन और भूजल उपयोग (मारवी) को बनाए रखना बताया साथ ही मृदा एवं जल की गुणवत्ता को बनाए रखना हम सभी की जिम्मेदारी है एवं पानी का सीमित उपयोग करना चाहिए।  कार्यक्रम में डॉ. सुनील जोशी, अधिष्ठाता, सीटीएई ने बताया कि खेती में सेंसर आधारित सिंचाई पद्वति अपना कर 30 से 70 प्रतिशत जल बचाया जा सकता है, विश्वविद्यालय सेंसर आधारित खेती पर निरंतर अनुसंधान कार्य कर रहा है। डॉ. एस.एस. लखावत, क्षेत्रीय निदेशक अनुसंधान ने फलदार पेड़ लगाना एवं कम पानी में अधिक उपज के बारे में बताया। डॉ. के.के. यादव ने विश्वविद्यालय में संचालित सिंचाई जल प्रबंधन परियोजना के अंतर्गत जल की बचत एवं भूजल गुणवत्ता में सुधार हेतु किए गए कार्यों को विस्तार से बताया। डॉ मनजीत सिंह ने मृदा एवं जल अभियांत्रिकी विभाग में संचालित विभिन्न परियोजनाओं के माध्यम से जल संरक्षण एवं भूजल पुर्नभरण हेतु किये जा रहे कार्य से सभी को अवगत कराया, साथ ही प्रोटेक्टेड कल्टीवेशन, हाइड्रोपोनिक  एवं ऑटोमेशन के द्वारा जल की बचत पर प्रकाश डाला। इस अवसर पर कार्यक्रम में डॉ. आरसी पुरोहित, पूर्व अधिष्ठता, डॉ. एच के मित्तल, डॉ. सांवल सिंह, डॉ. नवीन जैन, डॉ. बीजी छीपा, इंजी. बलराम, डॉ. सचिन वांडकर, इंजी. कालू सिंह, डॉ. योगिता दशोरा के साहित अन्य उपस्थित सभी अतिथियों एवं विद्यार्थियों द्वारा जल की बचत एवं संरक्षण हेतु जल शपथ ली। कार्यक्रम का संचालन डॉ. उर्मिला ने किया

By Udaipurviews

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