राजसमन्द 05 अक्टूबर। सेठ रंगलाल कोठारी राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, राजसमन्द में महिला नीति में लीगल साक्षरता के अंतर्गत कार्यशाला का आयोजन किया गया। स्थानीय महाविधालय के प्राचार्य निर्मला मीणा के उदबोधन के साथ कार्यशाला की शुरुआत की गई। उन्होंने छात्राओं को अपने अधिकारों के लिए सजग रहने की प्रेरणा दी। सीनियर प्रोफेसर डॉ उषा मीणा ने अपने कर्तयों के पालन करने की प्रेरणा दी। मुख्य वक्ता एडवोकेट रोशनलाल सोनगरा ने घरेलू हिंसा में महिला के स्वास्थ्य सुरक्षा जीवन अंग की या चाहे उसकी मानसिक या शारीरिक भलाई की अपहानि पहुंचाता है या उसे क्षति पहुंचाता है या उसे संकटापन्न करता है या उसकी ऐसा करने की प्रवृत्ति है जिसके अंतर्गत शारीरिक दुरुपयोग मौखिक और भावनात्मक दुरुपयोग या लैंगिक आर्थिक दुरुपयोग कार्य करना भी है इस अधिनियम के अधीन महिला एक या अधिक अनुतोष प्राप्त करने के लिए मजिस्ट्रेट को आवेदन प्रस्तुत कर सकेगा इस अधिनियम में व्यथित महिला कार्रवाइयों को बंद कमरे में किए जाने का इच्छा जाहिर कर सकती है और यह सुविधा उपलब्ध कराई जा सकेगी घरेलू हिंसा अधिनियम में एक व्यथित महिला पति के घर पर निवास करते हुए भी भरण पोषण प्राप्त करने की अधिकारी होती है और एक ही छत के नीचे रहने का अधिकार महिलाओं को इस अधिनियम से मिलता है कोई भी नातेदार जबरन निवास स्थान से बाहर नहीं निकल सकता महिला अपने अधिकारों के साथ-साथ अपने कर्तव्य का भी पालन करें तो समाज में सुख शांति मान सम्मान व प्रतिष्ठा भी बनी रहती है। कार्यक्रम मे महाविद्यालय के नेमीचंद फुलवरिया, नारायण लाल कुमावत, तरुण खटीक उपिस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन सोहनलाल गोसाई ने किया।
सेठ रंगलाल कोठारी महाविद्यालय में दहेज प्रथा, महिला सुरक्षा पर कार्यशाला का आयोजन
