आर्थिक रूप से सशक्त बनेगी  स्वम सहायता समुह की महिला  

प्रतापगढ़।  बड़ौदा स्वरोजगार विकास संस्थान प्रतापगढ़ द्वारा आयोजित 10 दिवसीय निशुल्क बकरी पालन प्रतापगढ़ तहसील के रतनियाखेडी गाँव में चलाया गया जिसका 22 अप्रेल को मूल्याकन तथा समापन समारोह बडौदा आर-सेटी प्रतापगढ़ मेंआयोजित किया गया |कार्यक्रम के मुख्य अतिथि राजीविका डी एम. लाईवलीहुड कपिल देव इफको क्षेत्रीय अधिकारी निलेश जी,मुल्यांकन प्रभारी सूरज पंवार,शतीश चन्द्र संस्थान के निदेशक संजय शर्मा उपस्थित रहे | प्रशिक्षण के दौरान प्रशिक्षक द्वारा सभी प्रशिक्षणार्थियों को पशुओ के चारा, पशुओ में होने वाले रोग, पशुओ के गर्भाधान का समय, पशुओ का टीकाकरण, पशुओ का शेड,  पशुओ की नस्ल तथा वर्मी कम्पोस्ट बनाने के बारे में विस्तार से प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षण के दौरान प्रशिक्षक द्वारा ट्रेनीज को मिनरल मिक्सचर ईट व घनजिवाम्रत  तेयार करवाया गया । इस प्रशिक्षण में राजिविका महिलाओं ने भाग लिया है ।  बकरी पालन एक ऐसा व्यावसाय है जो हमारे गाँवों और उपजाति के लोगों के लिए आत्मनिर्भरता का एक महत्वपूर्ण साधन है। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम ने  प्रशिक्षणार्थियों को बकरी पालन के क्षेत्र में नवीनतम तकनीकों और उत्पादों के साथ परिचित कराया है। इस कार्यक्रम में हमारे प्रशिक्षणार्थियों ने बकरियों के उत्पादन, पोषण, और देखभाल के महत्वपूर्ण पहलुओं को सीखा है। वे अब इस क्षेत्र में सफलता की दिशा में अग्रसर होने के लिए तैयार हैं।  मुल्यांकन प्रभारी सूरज पंवार ने सभी ट्रेनीज को आर्थिक व सामाजिक स्थिति सुधारने को कहा तथा बैंक की विभिन्न योजनाओं जैसे सामाजिक सुरक्षा योजनाओं जैसे प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना, प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना, अटल पेंशन योजना, किसान क्रेडिट कार्ड में मिलने वाली सुविधाओं की जानकारी दी |

राजीविका डी.एम. लाईवलीहुड कपिल ने ट्रेनीज को प्रशिक्षण पुर्ण होने पर शुभकामनाये दी बताया की यह पशुपालन से जुड़ा एक बहुत लोकप्रिय उद्यम है जिसके अंतर्गत दुग्ध उत्पादन व दूध की बिक्री के लिए किए जाने वाले कार्य आते हैं। बकरी पालन में नस्ल सुधार कार्यक्रम के तहत यहाँ पर ट्रेनिंग के पश्चात उत्पादक समुह द्वारा सिरोही नस्ल की बकरियां उपलभ्ध करवाई जाएगी बकरी के दूध की मार्केट में काफी मांग है. वहीं, इसका मांस सबसे अच्छे मांस में से एक है जिसकी घरेलू मांग बहुत अधिक है और वैल्यू भी ज्यादा है तथा राजीविका महिला को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए राजिविका टीम लगातार प्रयास कर रही है

डोमेन असेसर सतीश ने बताया की यह व्यवसाय कम लागत में शुरू होने वाला व्यवसाय बकरी का दूध बहुत औषधीय गुणों वाला होता है,बकरी में सिरोही नस्ल को बढ़ावा देते हुए बताया की अच्छी नस्ल का चुनाव करनेपर जोर दिया जिससे की मार्किट में अच्छा लाभ प्राप्त कर सके व दूध उत्पादन को बढ़ा कर इसे हम अपनी आजीविका साधन बना सकते

इफको से निलेश जी द्वारा प्रशिक्षनार्थीयो को प्रशिक्षण पुरा होने पर बधाई दी बताया की  बकरी पालन व्यवसाय ग्रामीण इलाकों में तेजी से फल-फूल रहे हैं, क्योंकि इससे दूध, खाद समेत कई प्रकार के लाभ मिलते हैं. खास बात है कि इस बिजनेस में नुकसान की संभावना कम रहती है किसानो को स्वम का रोजगार बढ़ाने के लिए खेती के साथ बकरी पालन व डेयरी पशुपालन भी अपनाना चाहिये

संस्थान के निदेशक महोदय ने उपस्थित प्रशिक्षणार्थियों को सफलतापूर्वक प्रशिक्षण संपन्न करने पर शुभकामनाये दी | प्रशिक्षण पूर्ण हो जाने पर जल्द से जल्द अपना व्यवसाय स्थापित करने के लिए कहा जिससे उनकी आर्थिक स्थिति में सुधार हो सके | भविष्य में पशुपालन एक महत्वपूर्ण व्यवसाय बनेगा साथ ही उन्होंने संस्थान द्वारा बेरोजगार युवक युवतियों को दिए जाने वाले विभिन्न स्वरोजगार प्रशिक्षण कार्यक्रमों के सम्बन्ध मे जानकारी प्रदान की, जिससे कम लागत में व्यक्ति अपना व्यवसाय प्रारम्भ कर सकता है | कार्यक्रम में कुछ प्रशिक्षणार्थियों ने अपने दस दिन के अनुभव साझा किये

कार्यक्रम का संचालन संस्थान से फैकल्टी अंशिका बाथरा ने किया | इस अवसर पर प्रशिक्षणार्थीयो को प्रमाण पत्र वितरित किये गए | इस अवसर पर संस्थान से कार्यालय सहायक ओम प्रकाश जितेन्द्र राठोर अटेन्डर घनश्याम उपस्थित रहे |

 

By Udaipurviews

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