राजसमंद : रोका तो वाहन चालक बनाने लगे तरह-तरह के बहाने

किसी ने कहा ‘रोज लगाता हूं, आज भुल गया’, तो कोई बोला ‘थोड़ा दूर ही जाना है’
परिवहन विभाग और एन.एच.ए.आई. के अधिकारियों ने की समझाइश
यातायात नियमों का पालन करने की दी नसीहत
राजसमंद 19 जनवरी। राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह के तहत जिला परिवहन अधिकारी डॉ. कल्पना शर्मा द्वारा माण्डावाडा टोल प्लाजा पर एन.एच.ए.आई. के साथ संयुक्त अभियान ‘हेलमेट लगाएं सिर बचाएं’ चलाकर दुपहिया वाहन चालकों को समझाइश की गई। सड़क सुरक्षा जागरूकता के बैनर लगाए गए एंव पम्पलेट वितरित किए गए।

दुपहिया वाहन चालकों को जब रोका गया तो तरह-तरह के बहाने बनाते हुए दिखे जैसे ‘रोज लगाता हूं, आज भुल गया, थोड़ी दूर ही जाना है, कल से लगाऊंगा आदि’। इस पर उन्हें समझाया गया कि हेलमेट नहीं लगाना जान के लिए घातक है और अगली बार कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।  डॉ कल्पना शर्मा द्वारा उन्हें बताया गया कि हेलमेट आपका अमूल्य जीवन बचाने के लिए एक मात्र उपाय है।

उन्होंने वाहन चालकों को बताया कि दुपहिया वाहन चालक एवं पीछे बैठने वाली सवारी के लिए भी हेलमेट पहनना अनिवार्य है। हेलमेट पहनने के पश्चात् चिन स्ट्रेप (हेलमेट का फीता) लगाना कभी न भूलें। दुर्घटना होने पर चिन स्ट्रेप (हेलमेट का फीता) हेलमेट को आपके सिर पर लगाए रखता है। सिर पर लगने वाली हल्की चोट लगने की संभावना 70 प्रतिशत तक कम हो जाती है। सिर पर लगने वाली हल्की चोट भी बेहद नुकसान पहुंचा सकती है।

इस अवसर पर एन.एच.ए.आई. से टोल प्लाजा मेनेजर बालमुकुंद सुरमा, विनोद ठाकुर, भगवत सिंह, प्रकाश कसेरा, गणपत सालवी, देवेन्द्र सिंह ने दुपहिया एवं चौपहिया वाहनों पर रिफ्लेक्टर टेप लगा कर वाहन चलाते समय सीट बेल्ट पहनने एवं हेलमेट पहनने के लिए प्रेरित किया।

परिवहन कार्यालय के सूर्यभान सिंह चौहान ने सड़क सुरक्षा संबंधी नियमों की पालना हेतु प्रोत्साहित किया एवं बताया कि दुपहिया वाहन पर हेलमेट नहीं लगाने पर व्यक्ति कोमा में जा सकता है एवं परिवार को इसकी कीमत चुकानी पड़ती है। आजकल हेलमेट नहीं लगाने से कई युवा काल का ग्रास बन रहे है। अतः चाहे कुछ ही दूरी पर जाए हेलमेट जरूर लगाए।

By Udaipurviews

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