जगदीश मंदिर का यह कैसा जीर्णोद्धार: काले पत्थर पर लगा दिए सफेद मार्बल के पैबंद, टूटी कलात्मक मूर्तियों पर लगाया ‘चूना’

उदयपुर। ऐतिहासिक जगदीश मंदिर के जीर्णोंद्धार में कई कमियां सामने आई हैं। हाल ही पुरातत्व एवं संग्रहालय विभाग के अधीक्षक एसएल चौधरी ने भारतीय सांस्कृतिक निधि(इंटेक) के निर्मित विरासत एवं जल संसाधन प्रभारी प्रो. महेश शर्मा के साथ जगदीश मंदिर के जीर्णोद्धार कार्य का निरीक्षण किया। जिसमें शर्मा ने मंदिर जीर्णोद्धार में बदरंग मार्बल तथा ज्वाइंट्स फिरल दिखाए, जो मूर्तियों तथा विरासत पर बदनुमा दाग जैसे दिखाई दे रहे थे। उन्होंने बताया कि पत्थर के रंग से मिलते हुए चूने के प्राकृतिक मिश्रण की जगह सफेद सीमेंट से उन्हें भर दिया गया, जो पैबंद की तरह लग रहे हैं। काले पत्थरों पर सफेद मार्बल के पैबंद लगा दिए गए। मंदिर की दीवारों पर पेड़ उगने से जहां मूर्तियां क्षतिग्रस्त होकर टूट गई थीं, वहां चूना लगाकर उन्हें भर दिया गया। जबकि वहां दोबारा से मार्बल से ध्वस्त प्रतिमा का हिस्सा गढ़कर लगाया जाना चाहिए था।
शर्मा ने मंदिर के शिखर पर सीमेंट कंक्रीट से निर्मित पिलर को भी हटाए जाने की सलाह दी और बताया कि यह अनुपयोगी है और यह मंदिर के ढांचे के लिए नुकसानदायक हो सकता है। उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि मंदिर के चारों ओर इस तरह की रोशनी की जाए ताकि उसे किसी तरह का नुकसान नहीं हो।


गौरतलब है कि इंटेक प्रभारी प्रो. ललित पांडे ने दिल्ली मुख्यालय से विरासत विशेषज्ञों को बुलाकर जगदीश मंदिर के जीर्णोद्धार के लिए 71.72 लाख रुपए का प्रोजेक्ट तैयार कराया था। जिसके बाद देवस्थान विभाग ने बजट जारी कर दिया और पुरातत्व एवं संग्रहालय विभाग के माध्यम से मंदिर के जीर्णोद्धार का कार्य शुरू हुआ था।

By Udaipurviews

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