उदयपुर संसदीय क्षेत्र में 26 अप्रैल को होगा मतदान

आदर्श आचार संहिता लागू
– 28 मार्च से शुरू होगी नामांकन प्रक्रिया
जिला निर्वाचन अधिकारी ने ली राजनैतिक दलों के प्रतिनिधियों की बैठक
उदयपुर, 16 मार्च। भारत निर्वाचन आयोग ने लोकसभा आम चुनाव- 2024 का कार्यक्रम जारी कर दिया है। इसके साथ ही आदर्श आचार संहिता भी लागू हो गई है। राजस्थान में 19 एवं 26 अप्रैल दो चरणों में मतदान होगा। इसमें उदयपुर संसदीय क्षेत्र के लिए मतदान 26 अप्रैल को प्रस्तावित किया गया है। चुनाव कार्यक्रम की जानकारी देने तथा आचार संहिता की पालना में सहयोग को लेकर जिला निर्वाचन अधिकारी एवं रिटर्निंग अधिकारी अरविन्द पोसवाल ने शनिवार शाम सभी मान्यता प्राप्त राजनैतिक दलों के प्रतिनिधियों की बैठक ली।
बैठक में पोसवाल ने सभी राजनैतिक दलों के प्रतिनिधियों से निष्पक्ष, पारदर्शी और शांतिपूर्ण मतदान प्रक्रिया में सहयोग का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि आदर्श आचार संहिता की पालना सुनिश्चित करने के लिए निगरानी दल सक्रिय हो चुके हैं। 24 घंटे के भीतर राजकीय कार्यालयों तथा 48 घंटे के दरम्यान सार्वजनिक स्थलों पर लगे जनप्रतिनिधियों के फोटो तथा सरकार योजनाओं के प्रचार-प्रसार संबंधी पोस्टर-बैनर हटवा लिए जाएंगे। 72 घंटे के अंदर-अंदर निजी भवनों से प्रचार-सामग्री हटवाई जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि निजी भवनों पर किसी दल विशेष की अधिकतम तीन झण्डी लगाई जा सकती है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र की खूबसूरती इसी में है कि निर्वाचन प्रक्रिया में अधिक से अधिक भागीदारी हो। इसके लिए उन्होंने राजनैतिक दलों से आह्वान किया कि वे सभी पात्र मतदाताओं के नाम जुड़वाने में सहयोग करें।
उप जिला निर्वाचन अधिकारी एवं एडीएम प्रशासन दीपेंद्रसिंह राठौड़ ने चुनाव कार्यक्रम की जानकारी देते हुए आदर्श आचार संहिता के दौरान किसी भी प्रकार की रैली- सभा से पूर्व सक्षम स्वीकृति प्राप्त करने की प्रक्रिया से अवगत कराया। आचार संहिता प्रकोष्ठ प्रभारी जितेंद्र ओझा ने आदर्श आचार संहिता तथा राजनैतिक दल और उम्मीदवारों के व्यय विवरण संधारण संबंधी जानकारी दी। बैठक में एडीएम सिटी राजीव द्विवेदी, भारतीय जनता पार्टी से दीपक बोल्या, मनीष शर्मा, शांतिलाल जैन, भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस से त्रिलोक पूर्बिया, महेंद्र डामोर, डॉ संजीव राजपुरोहित, अरूण टांक, लतंग मूर्डिया आदि मौजूद रहे।
मतदान केंद्रों पर हो छाया-पानी के माकूल प्रबंध :
बैठक में राजनैतिक दलों के प्रतिनिधियों ने ग्रीष्म ऋतु के मद्देनजर मतदान केंद्रों पर छाया-पानी के माकूल प्रबंध करने का आग्रह किया। इस पर जिला निर्वाचन अधिकारी पोसवाल ने कहा कि इसका विशेष ध्यान रखा जाएगा। ग्राम विकास अधिकारियों, बीएलओ को इसके लिए पाबंद करेंगे। साथ ही सेक्टर ऑफिसर, जोनल मजिस्ट्रेट और संबंधित एआरओ को भी व्यवस्था सुनिश्चित कराने के लिए निर्देशित किया जाएगा।
होम वोटिंग का हो व्यापक प्रचार
राजनैतिक दलों के प्रतिनिधियों ने होम वोटिंग के व्यापक प्रचार-प्रसार की भी आवश्यकता जताई। निर्वाचन आयोग ने इस बार आंशिक परिवर्तन करते हुए 85 वर्ष से अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिक व 40 प्रतिशत से अधिक विकलांगता वाले दिव्यांगजन के लिए होम वोटिंग का प्रावधान किया है। बीएलओ के माध्यम से हर पात्र व्यक्ति तक इसकी सूचना पहुंचनी चाहिए। जिला निर्वाचन अधिकारी ने इसके लिए आश्वस्त किया। साथ ही राजनैतिक दलों से भी इसमें सहयोग की अपील की।

यह रहेगा चुनाव कार्यक्रम
अधिसूचना जारी करना तथा नामांकन प्रक्रिया प्रारंभ- 28 मार्च
नामांकन प्रस्तुत करने की अंतिम तिथि- 4 अप्रैल
नामांकन पत्रों की संवीक्षा- 5 अप्रैल
नाम वापसी की अंतिम तिथि – 8 अप्रैल
मतदान- 26 अप्रैल 2024
मतगणना- 4 जून 2024

24 मार्च तक जुड़वाएं नाम, लोकतंत्र का बढ़ाएं मान, जिला निर्वाचन अधिकारी पोसवाल की अपील
जिला निर्वाचन अधिकारी अरविन्द पोसवाल ने उदयपुर संसदीय क्षेत्र के समस्त मतदाताओं से लोकतंत्र के सबसे बड़े उत्सव लोकसभा आम चुनाव-2024 को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने में सहयोग की अपील की। उन्होंने कहा कि 1 जनवरी 2024 तक 18 वर्ष की आयु पूर्ण कर चुके नागरिक 24 मार्च तक वोटर हैल्पलाइन एप के माध्यम से अथवा बीएलओ के सहयोग से अपना नाम मतदाता सूची में जुड़वा सकते हैं। उन्होंने जिले के सभी मतदाताओं से अपील की कि 17 मार्च रविवार को विशेष अभियान के तहत बीएलओ संबंधित बूथ पर उपलब्ध रहेंगे। आमजन उनसे संपर्क कर मतदाता सूची में अपने नाम की पुष्टि भी कर सकते हैं। उन्होंने मतदाताओं से अपील की कि 26 अप्रैल को लोकसभा चुनाव के मतदान में अधिक से अधिक मतदाता बूथ पर पहुंच कर अपने मताधिकार का उपयोग कर लोकतंत्र को मजबूत बनाएं। उन्होंने आदर्श आचार संहिता की पालना करने, आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन पाए जाने पर सी-विजिट एप पर शिकायत दर्ज कराने का भी अनुरोध किया।

2253 मतदान केंद्र व सहायक मतदान केंद्रों पर 22.17 लाख से अधिक मतदाता चुनेंगे अपना सांसद
– 24 मार्च तक मतदाता सूची में जुड़ सकेंगे नाम

लोकतंत्र के सबसे बड़े पर्व लोकसभा आम चुनाव- 2024 की घोषणा हो चुकी है। उदयपुर संसदीय क्षेत्र के लिए आगामी 26 अप्रैल को 22.17 लाख से अधिक मतदाता देश की सबसे बड़ी पंचायत के लिए अपना प्रतिनिधि चुनेंगे। इसके लिए क्षेत्र के 2230 मतदान केंद्र तथा 23 सहायक मतदान केंद्रों पर मतदान होगा।
उप जिला निर्वाचन अधिकारी दीपेंद्रसिंह राठौड़ ने बताया कि उदयपुर संसदीय क्षेत्र में उदयपुर जिले के 6 विधानसभा क्षेत्र तथा प्रतापगढ़ जिले से धरियावाद और डूंगरपुर जिले से आसपुर विधानसभा क्षेत्र शामिल है। उदयपुर जिले के मावली और वल्लभनगर विधानसभा क्षेत्र चित्तौडगढ़ संसदीय क्षेत्र की निर्वाचन प्रक्रिया में शामिल होंगे।
उदयपुर लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र के मतदान केंद्र
विधानसभा क्षेत्र मतदान केंद्र सहायक मतदान केंद्र कुल
गोगुन्दा 286 2 288
झाडोल 290 290
खेरवाड़ा 314 1 315
उदयपुर ग्रामीण 262 8 270
उदयपुर शहर 216 4 220
सलूम्बर 296 2 298
धरियावाद 292 4 296
आसपुर 274 2 276
योग 2230 23 2253

उदयपुर लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र के मतदाता
मतदाता सूची विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण कार्यक्रम के तहत गत 8 फरवरी को हुए मतदाता सूची के अंतिम प्रकाशन के अनुसार उदयपुर लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र में कुल 22 लाख 17 हजार 193 मतदाता पंजीकृत हैं। इसमें पुरूषों की संख्या 11 लाख 26 हजार 677, महिलाओं की 10 लाख 90 हजार 496 तथा 20 मतदाता ट्रांसजेण्डर श्रेणी के हैं। हालांकि मतदाता सूची में नाम जोड़ने की प्रक्रिया 24 मार्च तक जारी रहेगी। क्षेत्र में सर्वाधिक मतदाता खेरवाड़ा में 2 लाख 98 हजार 676 तथा सबसे कम उदयपुर शहर में 2 लाख 46 हजार 633 हैं। गोगुन्दा में 266290, झाडोल में 275277, उदयपुर ग्रामीण में 287444, सलूम्बर में 295273, धरियावाद में 276208 तथा आसपुर में 271392 मतदाता पंजीकृत हैं।

मावली-वल्लभनगर की यह है स्थिति
मावली विधानसभा क्षेत्र में 264 मतदान केंद्र व 2 सहायक मतदान केंद्र रहेंगे। यहां 258541 मतदाता पंजीकृत हैं। इसी प्रकार वल्लभनगर में 281 मतदान केन्द्र हैं तथा 264985 मतदान पंजीकृत हैं। यह दोनों विधानसभा क्षेत्र लोकसभा क्षेत्र चित्तौड़गढ़ में शामिल हैं।

रात 10 से सुबह 6 बजे तक नहीं हो सकेगा ध्वनि विस्तारक यंत्रों का उपयोग
निर्धारित समय में उपयोग के लिए भी लेनी होगी सक्षम स्वीकृति
जिला मजिस्ट्रेट ने जारी किए आदेश

लोकसभा आम चुनावों की घोषणा हो चुकी है। चुनाव प्रचार में ध्वनि विस्तारक यंत्रों का इस्तेमाल होने से विद्यार्थी वर्ग और वरिष्ठ नागरिकों को परेशानी होने की संभावना के मद्देनजर उच्चतम न्यायालय द्वारा ध्वनि प्रदूषण रोकने के लिए प्रदत्त निर्देशों की पालना में जिला मजिस्ट्रेट एवं जिला कलक्टर अरविन्द कुमार पोसवाल ने भारत निर्वाचन आयोग द्वारा जारी निर्देशों एवं राजस्थान कोलाहल नियंत्रण अधिनियम 1963 की धारा 5 एवं नियम 1964 की धारा 4 तथा पर्यावरण (विनियन एवं नियत्रण) नियम 2000 में प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए एक आदेश जारी कर रात 10 बजे से सुबह 6 बजे तक किसी भी प्रकार के ध्वनि प्रसारक एवं विस्तारक यंत्रों तथा लाउडस्पीकर के उपयोग को प्रतिबन्धित किया है। यह निषेधाज्ञा 30 अप्रेल तक प्रभावी रहेगी।
जारी आदेश के अनुसार किसी भी प्रकार के वाहनों पर लागए गए लाउडस्पीकर्स के उपयोग की अनुमति सुबह 6 बजे से पूर्व तथा रात्रि 10 बजे के बाद नहीं दी जा सकेगी। स्वीकृति योग्य जो अवधि में भी ध्वनि विस्तारक यंत्र का उपयोग अधिक तेज आवाज से नहीं किया जाएगा। लाउड स्पीकर के खर्चे का संधारण निर्धारित रजिस्टर में किया जाकर चुनाव खर्च में दर्शाना होगा।
इस अवधि में किसी सार्वजनिक सभा अथवा जुलूस के लिए पूर्ण रूप से स्थिर किसी लाउड स्पीकर का प्रयोग किए जाने के संबंध में संबंधित रिटर्निंग अधिकारी से पूर्व लिखित अनुमति प्राप्त करनी होगी। आदेश में कहा कि वाहनों पर लाउड स्पीकर लगाए जाने की स्थिति में अनुमति प्रदान करने के लिए सक्षम अधिकारी को अनुमति हेतु प्रस्तुत आवेदन पत्र में वाहन रजिस्ट्रेशन, वाहन का प्रकार, अभ्यर्थी अथवा राजनैतिक दल का नाम अंकित किया जाएगा एवं इसी प्रकार का अंकन सक्षम अधिकारी द्वारा जारी स्वीकृति में किया जाएगा। आदेश की अवहेलना करने पर लाउडस्पीकर के उपयोग से जुड़े सभी यंत्रों तथा संबंधित वाहन के साथ पुलिस अधिकारियों द्वारा जब्त कर उपयोगकर्ता के विरुद्ध राजस्थान कोलाहल नियंत्रण अधिनियम, 1963 के अन्तर्गत कार्यवाही की जाएगी।

स्वतंत्र, शांतिपूर्ण एवं निष्पक्ष मतदान के लिए जिले में धारा 144 लागू

जिला मजिस्ट्रेट (कलक्टर) अरविंद पोसवाल ने एक आदेश जारी कर लोकसभा आम चुनाव 2024 के तहत जिले में शांतिपूर्वक, स्वतंत्र व निष्पक्ष एवं सुव्यवस्थित ढंग से चुनाव सम्पन्न कराने को लेकर धारा 144 लागू कर दी है। मतदाता बिना किसी डर एवं भय के अपने संवैधानिक मताधिकार का प्रयोग कर सके इसके लिए असामाजिक, अवांछित एवं बाधक तत्वों की गतिविधियों को नियंत्रित करने एवं कानून व्यवस्था व लोक शांति बनाये रखने के लिए दण्ड प्रक्रिया संहिता 1973 की धारा 144 के तहत जिले की राजस्व सीमा में निषेधाज्ञा लागू कर दी गई है।
यह प्रतिबंध लागू रहेंगेः
कलक्टर पोसवाल ने बताया कि आदेश के तहत कोई भी व्यक्ति किसी भी तरह का विस्फोटक पदार्थ, घातक रासायनिक पदार्थ, अस्त्र-शस्त्र, हथियार आदि का प्रदर्शन सार्वजनिक स्थानों पर नहीं कर सकेगा। जबकि यह आदेश सीमा सुरक्षा बल, राजस्थान सशस्त्र पुलिस बल, राजस्थान सिविल पुलिस, चुनाव ड्यूटी में तैनात अर्द्ध सैनिक बल, होमगार्ड एवं चुनाव ड्यूटी में मतदान दलों में तैनात अधिकारियों, कर्मचारियों पर लागू नहीं होगा। सिक्ख समुदाय के व्यक्तियों को धार्मिक परम्परा के अनुसार निर्धारित कृपाण रखने की छूट होगी। यह आदेश सशस्त्र अनुज्ञापत्र नवीनीकरण हेतु आदेशानुसार श़स्त्र निरीक्षण करवाने अथवा शस्त्र पुलिस थाना में जमा करवाने हेतु ले जाने पर लागू नहीं होगा।
बिना स्वीकृति जुलूस, सभा व रैली भी नहीं
कलक्टर ने बताया कि धारा 144 लागू होने के बाद कोई भी व्यक्ति, संस्था अथवा पार्टी सक्षम अधिकारी की स्वीकृति के बिना राजनैतिक प्रयोजनार्थ जुलूस, सभा रैली आदि का आयोजन नहीं करेगा। संबंधित उपखण्ड मजिस्ट्रेट की पूर्व अनुमति के बिना ध्वनि प्रसारण यंत्र का प्रयोग नहीं किया जा सकेगा। इंटरनेट तथा सोशल मीडिया यथा फेसबुक ट्विटर, वाट्सएप, यू-टूब आदि द्वारा किसी भी प्रकार का धार्मिक उन्माद, जातिगत द्वेष व दुष्प्रचार नहीं करेगा। साथ ही मंदिर, मस्जिद, गिरजाघर, गुरुद्वारे या पूजा के अन्य धार्मिक स्थानों का निर्वाचन प्रचार मंच के रूप में प्रयोग नहीं किया जाएगा।
कलक्टर ने बताया कि यह आदेश 30 अप्रेल तक प्रभावी रहेगा। इस निषेधाज्ञा की अवहेलना या उल्लंघन किये जाने पर संबंधित को भारतीय दण्ड संहिता की धारा 188 के तहत दण्डित किया जाएगा।

By Udaipurviews

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