देबारी में घायल युवक की मौत, अस्पताल में ग्रामीणों ने किया प्रदर्शन

पांच घंटे बाद परिजनों ने शव उठाया

उदयपुर। पांच दिन पहले देबारी के जिंक चौराहे पर अनियंत्रित कार की चपेट में आने से घायल 28 वर्षीय शुभम वेद ने सोमवार को एमबी अस्पताल में दम तोड़ दिया। जिसके बाद परिजनों एवं ग्रामीण आक्रोशित हो उठे और उन्होंने शव लेने से इंकार कर दिया। अतिरिक्त जिला कलक्टर ओपी बुनकर के दस लाख रुपए मुआवजा दिलाए जाने के आश्वासन के पांच घंटे बाद ही पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी हो पाई और परिजनों ने शव उठाया।
मिली जानकारी के अनुसार परिजन और गामीण इस लिए आक्रोशित थे कि पुलिस ने अभी तक दुर्घटना के लिए जिम्मेदार कार चालक के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की। जिससे नाराज लोगों ने एमबी हॉस्पिटल मोर्चरी में सोमवार को उग्र प्रदर्शन किया। आक्रोशित लोगों ने मांग पूरी नहीं होने तक शव को मोर्चरी से उठाने से इंकार कर दिया और वहीं धरने पर बैठ गए। मौके पर पुलिस डिप्टी क्षिप्रा राजावत मौके पर पहुंची। उन्होंने परिजनों के साथ समझाइश की कोशिश की लेकिन लोग अपनी मांग पूरी कराने पर अड़े रहे। ग्रामीणों का कहना है कि कार चालक नशे में था और उसकी अनियंत्रित कार शुभम की दुकान में जा घुसी थी
मुख्यमंत्री कोष से 10 लाख मुआवजे का आश्वासन
आखिरकार शाम 4 बजे एडीएम प्रशासन ओपी बुनकर मोर्चरी पहुंचे, उन्होंने परिजनों को मुख्यमंत्री सहायता कोष से 10 लाख रुपए की आर्थिक सहायत दिलाने का आश्वासन दिया। इसके बाद परिजन शव उठाने को राजी हुए।
ये है पूरा मामला
5 दिन पहले शुभम वेद(28) को देबारी स्थित जिंक चौराहा पर एक अनियंत्रित कार ने टक्कर मार दी थी। शहर से 20 किमी दूर महाराज की खेड़ी निवासी शुभम कार डेकोर की दुकान करता था। ​अनियंत्रित कार उसकी दुकान में जा घुसी थी और टक्कर से शुभम को बुरी तरह तरह घायल कर दिया था। उसे लोगों की मदद से तुरंत निजी हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था, जहां इलाज के दौरान सोमवार दोपहर को शुभम ने दम तोड़ दिया। इसके बाद सरकारी एमबी हॉस्पिटल में मृतक का पोस्टमार्टम कराया गया, जहां गुस्साए परिजनों ने शव को उठाने से इंकार कर दिया।

By Udaipurviews

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