कुलपति प्रो. सारंगदेवोत ने हरी झण्डी दिखाकर किया रवाना

दो दिवसीय ग्रामीण आवासीय वनशाला शिविर का दल रवाना
विद्यार्थी गांवों की समस्या जान, करायेंगे समाधान

उदयपुर 04 अगस्त/ जनार्दनराय नागर राजस्थान विद्यापीठ के शिक्षा विभाग की ओर से  सिरोही स्थित पावापुरी विजय पताका धाम में बीए-बीएड, बी.एससी-बीएड के विद्यार्थियों के लिए आयोजित दो दिवसीय आवासीय वनशाला शिविर के 250 सदस्यीय दल को शुक्रवार को कुलपति प्रो. एस.एस. सारंगदेवोत, प्रभारी डॉ. भूरालाल श्रीमाली, पार्षद गिरिश भारती, डॉ. दिलिप सिंह चौहान ने हरी झण्डी दिखा कर रवाना किया। प्रो. सारंगदेवोत ने कहा कि आवासीय शिविर में विद्यार्थियों को एक-दूसरे को जानने का अवसर मिलता है। अभावों में कैसे रहते हैं- सीखने को मिलता है। उन्होंने भावी शिक्षकों का आव्हान किया कि वे अपने केरियर की शुरुआत ग्रामीण क्षेत्र से करें, जहाँ हमें हमारी भारतीय संस्कृति, सभ्यता की झलक देखने को मिलेगी। संस्थापक मनीषी जनुभाई ने वंचित एवं सुदूर ग्रामीण क्षेत्र के अंतिम छोर तक शिक्षा की अलख लगाने के उद्देश्य से 1937 में विद्यापीठ की स्थापना की। ग्रामीण क्षेत्रों में रात्रिकालीन पाठशाला प्रारम्भ की और लालटेन के माध्यम से शिक्षा-दीक्षा का कार्य किया। प्रो. सारंगदेवोत ने कहा कि दो दिवसीय वन शिविर में विद्यार्थी समूह के रूप में मडवा, सांणेश्वर, सिरोही के आसपास के गांवों में वैश्विक महामारी कोरोना के बाद उनके जीवन में आये बदलाव के साथ-साथ सामाजिक, आर्थिक बदलाव के कारणों, सफाई, स्वास्थ शिक्षा आदि का स्तर जानेंगे। राज्य व केन्द्र सरकार की ओर से जारी की गई योजनाओं का लाभ ग्रामीणों तक कैसे पहुंच सके, आदि की जानकारी दी जायेगी। गांवों में शाम को लगने वाली चौपालों में स्वच्छ भारत – स्वस्थ भारत, शिक्षा का अधिकार, बेटी बचाओ – बेटी पढ़ाओ,  जननी सुरक्षा, जल स्वावलम्बन, पर्यावरण संरक्षण आदि की जानकारी नुक्कड़ नाटक के माध्यम से दी जायेगी।
इस अवसर पर डॉ. ललित कुमार श्रीमाली, डॉ. सोनल चौहान, शैली मेहता, डॉ. प्रिया चौहान, संजय भारद्वाज, राम सिंह सहित छात्र-छात्राएं उपस्थित थे।

By Udaipurviews

Related Posts

error: Content is protected !!