घर जाने का रास्ता संकड़ा होने पर ऑटो से पहुंची, साथ में गए मावली विधायक धर्मनारायण जोशी
राजकुमार की बेटी की शादी कराएंगी वसुंधरा राजे
उदयपुर। भाजपा नेता तथा राज्य की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे शनिवार को कन्हैयालाल हत्याकांड के मुख्य गवाह राजकुमार शर्मा से मिलने उसके घर पहुंची। उसके घर का रास्ता संकड़ा होने के चलते वह मावली विधायक धर्मनारायण जोशी के साथ ऑटो के जरिए गई। राजे ने राजकुमार शर्मा और उसके परिजनों से बातचीत कर सरकार से मिली राहत के बारे में जानकारी ली तथा वादा किया कि वह राजकुमार की बेटी की शादी करवाएंगी।
वसुंधरा राजे अपनी तीन दिवसीय उदयपुर यात्रा के दौरान तीसरे दिन दोपहर 12 बजे रावजी का हाटा स्थित बाबेल स्ट्रीट स्ट्रीट में रहने वाले राजकुमार शर्मा के घर पहुंचीं। राजकुमार कन्हैयालाल हत्याकांड का मुख्य गवाह है। इससे पहले शुक्रवार को राजे ने केन्द्रीय गृहमंत्री अमित शाह की विशाल जनसभा में भाग लिया था।
एक लाख की सहायता दी, बेटी की शादी का जिम्मा उठाने का वादा किया
राजकुमार के घर पहुंचने के बाद वसुंधरा ने उसकी पत्नी पुष्पा तथा बेटे से बातचीत की। यहां पूर्व सीएम ने परिवार को 1 लाख रुपए की सहायता दी और साथ ही उनकी बेटी की शादी का जिम्मा उठाने की बात कही। राजे ने बताया कि मैं यहां वास्तविक स्थिति देखने आई थीं और उनकी तबीयत जानने। जो भी मदद होगी हम करेंगे।
पत्नी ने बताई पीड़ा
राजकुमार की पत्नी पुष्पा ने बताया कि उनकी बेटी की पिछले साल दिसम्बर में शादी होनी थी लेकिन वह टल गई। उनकी बेटी 25 साल की हो गई है। हम इतने डरे हुए हैं कि बच्चों ने अपने घर के बाहर से नेम प्लेट जहां पिता का नाम लिखा होता था, उसे मिटा दिया है। अब वहां सिर्फ मेरा ही नाम है। साथ ही बताया कि बेटे को अच्छे से पढ़ाना चाहती थी, लेकिन अब ऐसी स्थिति हो गई कि बेटा घर चलाने के लिए 10 से 12 हजार रुपए की नौकरी कर रहा है। राजकुमार ने वसुंधरा को बताया- इस हत्याकांड में उनका परिवार टूट चुका है। मैं अब न खड़ा हो सकता हूं, न बैठ सकता हूं। हालत खराब हो गई है। घर के बाहर जाने से भी डर लगता है।
सीएम ने स्थानीय नेताओं से पूछा नौकरी क्यों नहीं दी?
राजकुमार के परिवार से बातचीत के बाद पूर्व सीएम ने मावली विधायक और स्थानीय नेताओं से भी बातचीत की। उनसे इनके इलाज और नौकरी के बारे में जानकारी ली। इस पर मावली विधायक से राजे ने जब पूछा सरकारी नौकरी की बात हुई तो उसे नौकरी किसलिए नहीं दी गई। इस पर स्थानीय नेताओं ने बताया कि सरकारी नौकरी कन्हैया के बेटों को दी गई है। गवाह के बेटे को नहीं।
