यूनेस्को के सीईओ डॉ. राम भुज  एवं जल पुरुष डॉ. राजेंद्र सिंह आज उदयपुर में

पर्यावरण जागरूकता विषय पर आयोजित  दो दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय कान्फ्रेंस का करेंगेे आगाज
देश – विदेश के डेढ़ सौ से अधिक प्रतिभागी करेंगे शिरकत

उदयपुर 6 अप्रैल/ राजस्थान विद्यापीठ के  शिक्षा संकाय लोकमान्य तिलक शिक्षक प्रशिक्षण महाविद्यालय, द्वारा सर्व विद्यालय केलवानी मंडल, काडी (गांधीनगर, गुजरात) के सहयोग से एनवायरमेंटल अवेयरनेस फ्रॉम नॉलेज टू एक्शन “पर्यावरणीय जागरूकतारू ज्ञान से क्रिया तक” विषयक  दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का शुभारंभ मंगलवार को महाविद्यालय के सभागार में होगा।

कुलपति प्रो.एस.एस. सारंगदेवोत ने बताया कि सम्मेलन का उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता को व्यवहारिक क्रियान्वयन तक ले जाना है। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में जलवायु परिवर्तन, जैव विविधता संरक्षण और सतत विकास जैसे मुद्दों पर वैश्विक स्तर पर गंभीर चिंतन की आवश्यकता है, जिसके लिए इस प्रकार के अंतरराष्ट्रीय मंच महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
प्रो. सारंगदेवोत ने बताया कि सम्मेलन में भारत के विभिन्न राज्यों केरल, तमिलनाडु, गुजरात और राजस्थान सहित मोजाम्बिक से भी प्रतिभागी भाग ले रहे हैं। कुल प्रतिभागियों की संख्या लगभग 154 है, जो इस आयोजन को अंतरराष्ट्रीय स्वरूप प्रदान करती है। यह सम्मेलन पर्यावरणीय चुनौतियों के समाधान हेतु ज्ञान, शोध और व्यावहारिक उपायों के समन्वय का महत्वपूर्ण मंच साबित होगा।

डीन प्रो. सरोज गर्ग ने बताया कि उद्घाटन सत्र में शिक्षाविद् एवं ‘वॉटर मैन ऑफ इंडिया’ के नाम से प्रसिद्ध डॉ. राजेंद्र सिंह मुख्य वक्ता के रूप में अपने विचार रखेंगे, जबकि यूनेस्को से जुड़े विशेषज्ञ डॉ. रामभुज विशेष अतिथि के रूप में संबोधित करेंगे।

सम्मेलन में मुख्य थीम के साथ दो दिनों तक आयोजित होने वाले विभिन्न तकनीकी सत्रों में
एनवायरनमेंटल एजुकेशन एंड जनरल अवेयरनेस (पॉल्यूशन, डिफॉरेस्टेशन, फॉसिल फ्यूल्स, रिसोर्सेस डिप्लेशन, कार्बन फुटप्रिंट आदि) फॉर एनवायरनमेंटल कंजर्वेशन। भारतीय एंशिएंट टेक्नीक्स फॉर रीसाइक्लिंग एंड सस्टेनेबल एनवायरनमेंटल ग्रोथ। अल्टरनेटिव्स ऑफ फर्टिलाइजर्स एंड इनोवेटिव टेक्नोलॉजीज फॉर सॉल्विंग इकोलॉजिकल इश्यूज। रोल ऑफ इंस्टीट्यूशन्स एंड स्टेकहोल्डर्स टू मैनेज लोकल एरिया बायोडायवर्सिटी एंड रिलेटेड प्रॉब्लम्स। द इम्पैक्ट ऑफ करंट जियोपॉलिटिकल रिस्क ऑन द एनवायरनमेंट ग्लोबली एंड इट्स हार्मफुल इफेक्ट ऑन द वर्ल्ड यानी क्लाइमेट चेंज, ग्रीनहाउस गैसेज, ग्लेशियर्स, ओवरहीटिंग एंड हेल्थ इश्यूज। ह्यूमन इंटरफेरेंस विद द एनवायरनमेंट एंड बायोडायवर्सिटी अंडर थ्रेटरू कॉज एंड सॉल्यूशंस। फॉर पीस एंड प्रॉस्पेरिटी फॉर पीपल 17 एसडीजीज (ग्लोबल गोल्स) फॉर प्रोटेक्ट प्लैनेट एंड ऑल सस्टेनेबिलिटी। जैसे विषयों पर भी विचार विमर्श किया जाएगा तथा शोध पत्रों का भी प्रस्तुतीकरण किया जाएगा।
आयोजक डॉ. रचना राठौड़, डॉ बलिदान जैन ने बताया कि अंतर्राष्ट्रीय कॉन्फ्रेंस से जुड़े तैयारी को अंतिम रूप दिया जा चुका है। ऑनलाइन ऑफलाइन मोड पर हो रही है इस कांफ्रेंस में ऑन द स्पॉट रजिस्ट्रेशन की सुविधा भी रखी गई है जिससे अधिकतम प्रतिभागियों को कॉन्फ्रेंस से जुड़ने में सुविधा हो सके।

By Udaipurviews

Related Posts

error: Content is protected !!