उदयपुर की पर्वतारोही बेटी मनस्वी अग्रवाल उदयपुर पहुंची

उदयपुर की पर्वतारोही बेटी मनस्वी अग्रवाल उदयपुर पहुंची, शहरवासियों ने स्वागत में बिछाए पलक पांवडे
-23,000 फीट ऊंची चोटी ’’अकोन्कागुआ’’ व अंटार्कटिका महाद्वीप की सर्वाेच्च चोटी ’’विन्सन मैसिफ’’ पर भारतीय तिरंगा फहरा कर मैं आनंदित हूं:  मनस्वी
-देश के लिए सपना देखा और उसको हर हाल में पूरा किया: मनस्वी
उदयपुर। उदयपुर की होनहार पर्वतारोही मनस्वी अग्रवाल ने विश्व पर्वतारोहण के क्षेत्र में स्वर्णिम अध्याय पूरा करने के बाद बुधवार को उदयपुर पहुंची। यहां समाजजनों सहित उदयपुरवासियों ने मनस्वी के सम्मान में पलक पांवडे बिछा दिए। एयरपोर्ट से लेकर घर तक जगह-जगह स्वागत हुआ। मनस्वी ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि देश का तिरंगा सर्वाधिक चोटी पर फहराने का उसने सपना देखा जो पूरा किया और अब लक्ष्य इससे भी आगे है।
मनस्वी बुधवार सुबह साढे 9 बजे एयरपोर्ट पहुंची, जहां पिता डॉ टी.आर. अग्रवाल व माता सरोज गुप्ता करीब 3 महीने बाद बेटी को देखकर भावुक हो गए। उन्होंने बेटी का स्वागत किया और उसके पश्चात एमडीएस स्कूल के निदेशक शैलेंद्र सोमानी के नेतृत्व में बच्चों ने मनस्वी का पुष्पवर्षा कर भव्य स्वागत किया। अग्रवाल समाज की ओर से भी एयरपोर्ट पर स्वागत किया गया। इसके पश्चात राजस्थान विद्यापीठ के होम्योपैथी कॉलेज में भी मनस्वी का स्वागत अभिनंदन किया गया। यहां एसएनसी कैडेटस की ओर से गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। यहां कार्यक्रम में कॉलेज की प्रिंसिपल सरोज गर्ग, भाजपा नेता मनोज जोशी, ओम पारीक व एडवोकेट मनन शर्मा विशेष अतिथि के तौर पर मौजूद थे। प्रतापनगर पुलिया के पास भाजपा मंडल अध्यक्ष कन्हैयालाल वैष्णव के नेतृत्व में जिला मंत्री हजारी जैन, समाजसेवी राजकुमार शर्मा, संदीप बोल्या, वैभव भंडारी व दामोदर खटोड व अन्य ने मनस्वी का पुष्प वर्षा से स्वागत किया। प्रतापनगर में ही जनजाति निगम कार्यालय के कर्मचारियों तथा स्थानीय निधि अंकेषण विभाग के अतिरिक्त निदेशक दलपतसिंह के नेतृत्व में अधिकारियों व कर्मचारियों द्वारा भी मनस्वी का स्वागत किया गया। इसके पश्चात भुवाणा स्थित निवास तक कई जगहों पर मनस्वी का स्वागत कर उन्हें शुभकामनाएं दी गई। निवास पर भी सैंकडों की संख्या में समाजजन व प्रबुद्द नागरिक पहुंचे जिन्होंने मनस्वी का माला, उपरना व बुके भेंट कर शुभकामनाएं दी।
निवास पर पत्रकारों से बात करते हुए मनस्वी ने अपने अनुभव साझा किए और बताया कि इस मिशन में जहां शारीरिक क्षमता की जितनी जरुरत होती है उतना ही मानसिक रुप से तैयार रहना होता है। ऐसे मिशन में कई बार प्रशिक्षित पर्वतारोही भी हार जाते हैं, लेकिन धर्य, हिम्मत और जिद से मैंने भारत का तिरंगा सबसे उंची चोटी पर फहरा दिया। मनस्वी ने कहा कि माइनस 50 और 50 डिग्री वाली जगहों पर कई खतरे सामने आते हैं, लेकिन मनोबल को बढाकर आगे बढते रहना होता है। मनस्वी ने कहा कि परिवार का सपोर्ट भी जरुरी होता है, क्योंकि जब भी मिशन का कठिन दौर आता है तब परिवार ही याद आता है। उस वक्त परिवार हिम्मत और हौंसला देता है जो जीत पक्की हो जाती है।
उल्लेखनीय है कि मनस्वी ने भारत और राजस्थान का नाम अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गौरवान्वित किया है। अंटार्कटिका महाद्वीप की सर्वाेच्च चोटी ’’विन्सन मैसिफ’’ को सफलतापूर्वक फतह कर राजस्थान की प्रथम व्यक्ति बनने का गौरव प्राप्त करने के उपरांत, मनस्वी ने दक्षिणी अमेरिका महाद्वीप की एंडीज पर्वत श्रृंखला में स्थित विश्व की अत्यंत चुनौतीपूर्ण एवं लगभग 7000 मीटर (करीब 23,000 फीट) ऊंची चोटी ’’अकोन्कागुआ’’ पर भी भारतीय तिरंगा फहराया है।
मनस्वी अग्रवाल, राजस्थान की अर्ध सैनिक बल में कार्यरत पर्वतारोही गीता सामोता के बाद अकोन्कागुआ शिखर पर पहुंचने वाली राज्य की दूसरी महिला बन गई हैं। उल्लेखनीय है कि एशिया के बाद शेष छह महाद्वीपों में अकोन्कागुआ सर्वाधिक ऊँचाई वाली चोटी है, जहां 70 से 80 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली भीषण ठंडी हवाएं और माइनस 30 डिग्री सेल्सियस तक गिरता तापमान पर्वतारोहियों की असाधारण परीक्षा लेता है। इन प्रतिकूल परिस्थितियों के कारण मनस्वी के साथ गए विश्वभर के 22 पर्वतारोहियों में से मात्र 12 ही इस अभियान में सफल हो सके।
इससे पूर्व मनस्वी ने यूरोप की सर्वाेच्च चोटी ’माउंट एलब्रस’ तथा अफ्रीका की सर्वाेच्च चोटी ’किलीमंजारो’ को भी सफलतापूर्वक फतह किया है। इस प्रकार वे मात्र पांच माह से भी कम समय में विश्व के सात में से चार महाद्वीपों की सर्वाेच्च चोटियों पर विजय प्राप्त कर एक उल्लेखनीय कीर्तिमान स्थापित कर चुकी हैं।

By Udaipurviews

Related Posts

error: Content is protected !!