उदयपुर। उदयपुर से किसी महिला पहलवान का राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता में सीनियर वर्ग में पहला स्वर्ण है। लेकिन, उसकी राह इतनी आसान नहीं थी। प्रशिक्षक डॉ. हरीश राजोरा बताते हैं कि सोनिया के माता पिता मजदूरी करते हैं। ऐसे में बेटी को कुश्ती में भेजना मुश्किल था। लेकिन, उसके जज्बे ने 2020 में स्वरूप सागर स्थित लक्ष्मण पहलवान अर्जुन उस्ताद अखाड़े में भेजा।
यहां स्व. उस्ताद अर्जुन राजोरा ने सोनिया की प्रतिभा को पहचाना और उसे प्रशिक्षण देना शुरू किया। साथ ही सोनिया को भामाशाह के माध्यम से सहयोग भी उपलब्ध कराया। बहुत ही कम समय में ओड समाज की बेटी ने एक नई पहचान बनाते हुए 2023 में अंडर-23 में राष्ट्रीय स्तर पर कांस्य पदक जीता। इसके बाद इसी साल सीनियर स्टेट में स्वर्ण पदक जीतकर राष्ट्रीय प्रतियोगिता के लिए चयनित हुई। अब पंजाब में स्वर्ण पदक जीतकर आई।
17 मार्च को उदयपुर में होगा सम्मान : राजस्थान कुश्ती संघ के सचिव उम्मेदसिंह ने कहा कि उदयपुर की इस बेटी को राजस्थान कुश्ती संघ के अध्यक्ष की घोषणा के अनुसार आर्थिक प्रोत्साहन दिया जाएगा। सरकार की पॉलिसी के अनुसार नौकरी दिलाने का भी प्रयास किया जाएगा। सोनिया के प्रशिक्षक डॉ. हरीश राजोरा ने बताया कि पदक विजेता का 17 मार्च को सम्मान किया जाएगा। सोनिया पदक जीतने पर राजस्थान कुश्ती संघ के अध्यक्ष राजीव दत्ता, सचिव उम्मेद सिंह झांझरिया, उपाध्यक्ष मांगीलाल कटारिया, नरेश पाल सिंह, सुधीर बक्शी, वीरमदेव सिंह कृष्णावत बाबुलाल ओड़ आदि ने बधाई दी।
