महिला खिलाड़ियों को दिया आत्मविश्वास और समर्पण का संदेश
उदयपुर, 9 मार्च। अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर उदयपुर संभाग में एक प्रेरणादायक कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें जनजातीय क्षेत्र के विकास तथा खेलों के प्रोत्साहन में महत्वपूर्ण योगदान दे रहीं संभागीय आयुक्त प्रज्ञा केवलरमानी का विशेष रूप से अभिनंदन किया गया। इस अवसर पर खेल जगत से जुड़ी कई प्रतिभाशाली महिला खिलाड़ियों, उनके अभिभावकों तथा खेल प्रेमियों की उत्साहपूर्ण उपस्थिति रही। कार्यक्रम का वातावरण महिला सशक्तिकरण और खेल भावना से ओतप्रोत रहा।
कार्यक्रम में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का नाम रोशन करने वाली लेक्रोज खिलाड़ियों ने भी भाग लिया। इनमें सुनीता मीणा, जुला कुमारी गुर्जर, डाली गमेती, मीरा दौजा, यशिष्ठा बत्रा, यशोदा गमेती, विशाखा मेघवाल, रोशनी बोस, जानवी राठौड़, मुकन कुमारी गुर्जर तथा हेमलता डांगी सहित कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर की महिला खिलाड़ी उपस्थित रहीं। सभी खिलाड़ियों और खेल प्रेमियों ने संभागीय आयुक्त के उन प्रयासों की सराहना की, जिनके माध्यम से वे जनजातीय क्षेत्रों में छिपी खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने के लिए निरंतर कार्य कर रही हैं।
खिलाड़ियों और अभिभावकों ने कहा कि जनजातीय क्षेत्रों में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है, लेकिन संसाधनों की कमी के कारण कई प्रतिभाएं सामने नहीं आ पाती। ऐसे में संभागीय आयुक्त द्वारा खेल सुविधाओं के विकास, प्रशिक्षण के अवसर उपलब्ध कराने और खिलाड़ियों को प्रोत्साहन देने की दिशा में किए जा रहे प्रयास अत्यंत सराहनीय है। इन प्रयासों के परिणामस्वरूप कई खिलाड़ी अब राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना रही है।
अपने संबोधन में संभागीय आयुक्त प्रज्ञा केवलरमानी ने महिला खिलाड़ियों को प्रेरित करते हुए कहा कि उन्हें कभी भी स्वयं को किसी से कमतर नहीं समझना चाहिए। उन्होंने कहा कि आत्मविश्वास, अनुशासन और निरंतर अभ्यास किसी भी खिलाड़ी की सफलता की कुंजी होते हैं। यदि खिलाड़ी समर्पण और मेहनत के साथ अपने लक्ष्य की ओर बढ़ें, तो वे न केवल राष्ट्रीय बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी अपने देश और क्षेत्र का गौरव बढ़ा सकती हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि खेल केवल जीत और हार तक सीमित नहीं है, बल्कि यह व्यक्तित्व निर्माण, आत्मविश्वास और नेतृत्व क्षमता को विकसित करने का एक महत्वपूर्ण माध्यम है। खेल के माध्यम से युवाओं में अनुशासन, टीम भावना और जिम्मेदारी की भावना विकसित होती है, जो उन्हें जीवन के हर क्षेत्र में आगे बढ़ने की प्रेरणा देती है।
संभागीय आयुक्त ने विशेष रूप से जनजातीय क्षेत्रों की बालिकाओं और युवतियों को खेलों में आगे आने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि सरकार और प्रशासन का प्रयास है कि प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को बेहतर प्रशिक्षण, सुविधाएं और अवसर उपलब्ध कराए जाएं, ताकि वे अपनी क्षमता का पूरा उपयोग कर सकें और समाज में एक सकारात्मक उदाहरण प्रस्तुत कर सकें।
उन्होंने खिलाड़ियों को यह भी संदेश दिया कि व्यक्तिगत उपलब्धियों के साथ-साथ समाज के प्रति अपने दायित्वों को समझना भी उतना ही आवश्यक है। एक सफल खिलाड़ी अपने क्षेत्र, समाज और देश के लिए प्रेरणा का स्रोत बनता है, इसलिए उन्हें अपने व्यवहार और कार्यों से समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने का प्रयास करना चाहिए।
कार्यक्रम के दौरान उपस्थित खिलाड़ियों और खेल प्रेमियों ने भी अपने अनुभव साझा किए और कहा कि खेलों के माध्यम से महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने और समाज में सम्मानजनक स्थान प्राप्त करने का अवसर मिलता है। खेल महिलाओं के आत्मविश्वास को बढ़ाते हैं और उन्हें चुनौतियों का सामना करने की शक्ति प्रदान करते हैं।
इस अवसर पर यह स्पष्ट रूप से सामने आया कि खेल केवल प्रतिस्पर्धा का माध्यम नहीं, बल्कि समाज में सकारात्मक बदलाव लाने का एक प्रभावी साधन भी है। विशेष रूप से महिलाओं के लिए खेल सशक्तिकरण का महत्वपूर्ण मार्ग बन सकते हैं, जिससे वे अपने सपनों को साकार करते हुए समाज के विकास में भी महत्वपूर्ण योगदान दे सकती हैं।
अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर आयोजित यह कार्यक्रम न केवल महिला खिलाड़ियों के सम्मान का अवसर बना, बल्कि यह संदेश भी दिया कि यदि प्रतिभा को सही दिशा और प्रोत्साहन मिले तो महिलाएं हर क्षेत्र में उत्कृष्ट उपलब्धियां हासिल कर सकती हैं। कार्यक्रम ने सभी उपस्थित लोगों को यह विश्वास दिलाया कि भविष्य में और अधिक महिलाएं खेलों के क्षेत्र में आगे आएंगी और देश का नाम रोशन करेंगी।
अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर उदयपुर संभागीय आयुक्त का अभिनंदन
