उदयपुर, 11 सितम्बर। जिले के गोगुंदा में गुरुवार को भाजपा के दो कार्यकताओं ने कांग्रेस का दामन थामा हैं। दोनों ही कार्यकताओं ने भाजपा द्वारा समय पर जनता का काम नहीं करने और मान-सम्मान नहीं मिलने से नाराज़गी ज़ाहिर की है।
गुरुवार को क्षेत्र के जसवंत गढ़ के समीप राज होटल में देहात जिला कांग्रेस कमेटी के उपाध्यक्ष नारायण पालीवाल के नेतृत्व में पार्टी की बैठक आयोजित हुई। बैठक में भाजपा के सदस्य हितेश पालीवाल और महेंद्र सिंह झाला भाजपा को छोड़कर कांग्रेस में शामिल हुए हैं।
बैठक में भाजपा के दोनों कार्यकताओं ने कांग्रेस पार्टी का आभार व्यक्त करते हुए भाजपा छोड़ने की वजह बताई दोनों ही कार्यकताओं ने बताया कि भाजपा में लंबे समय से मजबूती के साथ कार्य किया लेकिन जब जनता के विकास और मुद्दे पर बात होती तो भाजपा नजर अंदाज कर देती है। उन्होंने कहा कि अगर जो जनता पार्टी को समर्थन कर और उम्मीद के साथ सरकार बनाती है। वही पार्टी जब जनता का काम ही नहीं करती हो तो पार्टी में रहने का कोई महत्व नहीं रहता है।
गुरुवार को क्षेत्र के जसवंत गढ़ के समीप राज होटल में देहात जिला कांग्रेस कमेटी के उपाध्यक्ष नारायण पालीवाल के नेतृत्व में पार्टी की बैठक आयोजित हुई। बैठक में भाजपा के सदस्य हितेश पालीवाल और महेंद्र सिंह झाला भाजपा को छोड़कर कांग्रेस में शामिल हुए हैं।
बैठक में भाजपा के दोनों कार्यकताओं ने कांग्रेस पार्टी का आभार व्यक्त करते हुए भाजपा छोड़ने की वजह बताई दोनों ही कार्यकताओं ने बताया कि भाजपा में लंबे समय से मजबूती के साथ कार्य किया लेकिन जब जनता के विकास और मुद्दे पर बात होती तो भाजपा नजर अंदाज कर देती है। उन्होंने कहा कि अगर जो जनता पार्टी को समर्थन कर और उम्मीद के साथ सरकार बनाती है। वही पार्टी जब जनता का काम ही नहीं करती हो तो पार्टी में रहने का कोई महत्व नहीं रहता है।
कांग्रेस कमेटी के उपाध्यक्ष नारायण पालीवाल ने दोनों कार्यकताओं को सदस्यता ग्रहण करवाते हुए मिठाई और कांग्रेस पार्टी का दुपट्टा ओढ़ाकर स्वागत किया।
उन्होंने दोनों कार्यकताओं का मनोबल बढ़ाते हुए कहा कि दोनों ही हमेशा सक्रिय रहे हैं। पूर्व में पंचायती राज चुनाव लडा था लेकिन किसी कारणवश दोनों को हार का सामना करना पड़ा। उन्होंने बताया कि दोनों ने कांग्रेस पार्टी के विचारों से प्रभावित होकर भाजपा को छोड़ा है और कांग्रेस में शामिल हुए हैं।
इस दौरान पार्टी के उप-सरपंच प्रेम शंकर सुथार, पूर्व उप-सरपंच प्रकाश प्रजापत, पूर्व उप-सरपंच प्रतिनिधि सुरेश सैन, भवानी शंकर सैन, कैलाश प्रजापत सहित दीपक जोशी मौजूद रहे।
