तीन दिवसीय आवासीय वनशाला शिविर का हुआ समापन

संस्कृति, मानव को मानवता सिखाती – प्रो. सारंगदेवोत
उदयपुर 19 दिसम्बर / जनार्दनराय नागर राजस्थान विद्यापीठ के संघटक लोकमान्य तिलक शिक्षक प्रशिक्षण महाविद्यालय की ओर से आयोजित तीन दिवसीय आवसीय वनशाला शिविर के समापन पर विद्यार्थियों की ओर से आयोजित सांस्कृति समारेाह का शुभारंभ मुख्य अतिथि कुलपति प्रो. एस.एस. सारंगदेवोत, प्राचार्य प्रो. सरोज गर्ग, डॉ. रचना राठौड़, डॉ. अमी राठौड़, डॉ. बलिदान जैन, डॉ. सुनिता मुर्डिया, सुभाष बोहरा ने मॉ सरस्वती की तस्वीर पर पुष्पांजलि एवं दीप प्रज्जवलित कर किया। शिविर प्रभारी डॉ. रचना राठौड़ ने बताया कि संास्कृति समारोह का शुभारंभ गणेश वंदना से किया। विद्यार्थियों ने समूह नृत्य नाटिका , देश भक्ति गीत, राजस्थानी नृत्य पधारो म्हारे देश, बनी थारो चांद सरी को मूखडो – कोई  नजर नहीं लग जाये, शिव ताण्डव , समूह नृत्य राजस्थानी  घूमर व गुजरात का गरबा डांस कर सभी को मंत्र मूग्ध कर दिया। विद्यार्थियों ने समाज में व्याप्त कुरूतिया बाल विवाह, कन्या भ्रूण हत्या, बेटी बचाओ – बेटी पढाओं पर नाटक का मंचन कर सभी को भाव विभोर कर कर दिया। देश को आजादी दिलाने वाले भगत सिंह, राजगुरू सुखदेव को दी गई फांसी की सजा का, आदिवासियों के भगवान बिरसा मंुडा एवं पद्मनी जौहर के देश प्रेम को नुक्कड नाटक से प्रस्तुतिकरण कर युवाओं को देश भक्ति का संदेश दिया।
कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागियों ने अपने हाथों में मोमबत्ती जला देश प्रेम, हर व्यक्ति की मदद करने एवं आपसी भाई चारे को बनाये रखने का संकल्प लिया।
कुलपति प्रो. एस.एस. सारंगदेवोत ने कहा कि संस्थापक मनीषी पंडित जनार्दनराय नागर कहा कहते थे कि जब समाज के अंतिम  व्यक्ति तक शिक्षा की अलख नहीं पहुंचेगी तब तक हमारी शिक्षा अधूरी हैं। उन्होने कहा कि संस्कृति को मानव बनाता है लेकिन आगे जाकर संस्कृति मानव को मानवता सिखाती है।  संयुक्त परिवार है जीवन का गुरूकुल। हमारा देश दुनिया का सबसे युवा देश है। नई पीढ़ी को भारत की कला, संस्कृति को अपनाने की बात कही। आवासीय शिविर में टीम भावना के साथ कार्य करने की प्रेरणा मिलती है, अभावों में किस तरह रहा जाता है सीखने को मिलता है। ग्रामीण परिवेश की संस्कृति देखने को मिलती है।
डॉ. अमित बाहेती, डॉ. सरिता मेनारिया, डॉ. अमित दवे, डॉ. रोहित कुमावत, डॉ. हिम्मत सिंह, डॉ. डॉ. हरीश चौबीसा, डॉ. गुणबाला आमेटा, डॉ. इंदू आचार्य, डॉ. अनिता कोठारी, डा. सुभाष पुरोहित, डा. ममता कुमावत, डॉ. हरीश मेनारिया, डॉ. रेणू हिंगड, डॉ. हेमलता जैन, महेन्द्र वर्मा, डॉ. तिलकेश आमेटा, कृष्णकांत कुमावत, डॉ. हरीश मेनारिया, सहित छात्र छात्राओं सहित महाविद्यालय के अकादमिक एवं गैर अकादमिक कार्यकर्ताओं ने सांस्कृतिक समारेाह में अपनी प्रस्तुतियॉ दी।
उक्त जानकारी निजी सचिव कृष्णकांत कुमावत ने दी।

By Udaipurviews

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