पुण्यकर्मो से मिला यह जीवन तभी सफल होगा जब पुरूषार्थ करेंगे

उदयपुर। श्री वर्धमान स्थानकवासी जैन श्रमण संघ की ओर से सिन्धी बाजार स्थित पंचायती नोहरे में श्रमण संघीय प्रवर्तक सुकन मुनी महाराज ने कहा कि जीवन में बिना पुरुषार्थ के कुछ भी पाना संभव है। मनुष्य जीवन तो अपने पुण्य कर्मों से मिल गया है लेकिन यह सफल तभी होगा जब हम पुरुषार्थ करेंगे।
धन दौलत कमाने के लिए तो हर कोई पुरुषार्थ करता है,  अपने परिवार को पालने के लिए तो हर व्यक्ति पुरुषार्थ करता है। लेकिन यह सांसारिक उपक्रम है। इससे आपका जीवन सुख सुविधाओं से युक्त हो सकता है। आपका परिवार अच्छे से जीवन यापन कर सकता है आप अच्छे से अच्छे घर में रह सकते हैं। यह पुरुषार्थ अपनी जगह है। लेकिन वाकई में मनुष्य जीवन को सफल बनाना है तो जीवन में धर्म ज्ञान का पुरुषार्थ करना पड़ेगा। जप तप और धर्म में किया गया पुरुषार्थ परलोक में हमारे साथ आएगा।
आप व्यापार करते हैं, दुकान लगाते हैं, उसमें सामान भी भरपूर आपने रखा हुआ है। लेकिन दुकान और व्यापार में आप मेहनत का पुरुषार्थ नहीं करेंगे, उन्हें बेचने की कोशिश नहीं करेंगे या दुकान पर नहीं बैठेंगे तो उस दुकान का क्या महत्व रह जाएगा। जिस तरह से सफल  व्यापार करने के लिए, दुकान चलाने के लिए मेहनत और पुरुषार्थ की जरूरत होती है इस तरह से इस मनुष्य जीवन को सफल बनाने के लिए भी धर्म पुरुषार्थ की आवश्यकता पड़ती है।
डॉ.वरुण मुनि ने कहा कि जब तक आपके भीतर क्रोध मान माया लोभ और कषाय है तब तक आपका कोई भी पुरुषार्थ सफल नहीं होगा। सबसे पहले आपको इन्हें छोड़ना होगा। क्रोध कषाय लोग मोह माया यह सब सांसारिक उलझनें है। मनुष्य जन्म के बाद से ही इस चक्रव्यूह में उलझ जाता है और अंतिम समय तक इसमें ही उलझता रहता है। वह इसके लिए भी पुरुषार्थ तो खूब करता है। खूब धन दौलत भी इकट्ठी कर लेता है। लेकिन अंत में उसे सब यही छोड़कर जाना पड़ता है। उसमें अनुभव भी होता है ज्ञान भी होता है और मेहनत भी होती है। इसलिए जिस तरह से जीवन में सफलता हासिल करने के लिए हम मेहनत और पुरुषार्थ करते हैं उसी तरह से इस मनुष्य जीवन को सफल बनाने के लिए भी हमें धर्म पुरुषार्थ करना होगा तभी हमारी आत्मा का कल्याण हो सकता है।
धर्मसभा में अखिलेश मुनि ने सुंदर गीतिका प्रस्तुत की। महामंत्री एडवोकेट रोशन लाल जैन ने बताया कि चातुर्मास काल से ही णमोकार महामंत्र की धर्म आराधना निरंतर जारी है। गुरुवार को बाहर से आए अतिथियों का धर्म सभा में स्वागत अभिनंदन किया गया। धर्मसभा में मेवाड़ वागड़ क्षेत्र सहित देश के विभिन्न क्षेत्रों से श्रद्धालुओं का आना लगातार जारी है।

By Udaipurviews

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