उदयपुर। शहर के वरिष्ठ चार्टर्ड अकाउंटेंट डॉ. निर्मल कुनावत का कहना है कि बजट 2024-25 विकसित भारत के मंत्र को लक्ष्य करने वाला एक स्वागत योग्य बजट है। चार केंद्र बिंदु किसान, महिला, युवा और गरीब हैं, जो आने वाले वर्षों को उनके विकास और देश की प्रगति की ओर झुकाते हैं।
उत्तर-पूर्वी क्षेत्र के विकास को देश के लिए एक और प्रमुख विकास चालक माना गया है। राज्य सरकारों को पचास-वर्षीय ब्याज मुक्त ऋण के रूप में पचहत्तर हजार करोड़ रुपये प्रदान करने का प्रस्ताव सुधारों में राज्यों के योगदान को बढ़ाने के उद्देश्य से एक बड़ी घोषणा के रूप में आया है। सभी की अपेक्षाओं के विपरीत, कर दरों में बिल्कुल कोई बदलाव नहीं हुआ और कराधान की नई योजना डिफ़ॉल्ट कर दाखिल करने की योजना बनी हुई है जिसमें 7 लाख. रुपये की आय तक कोई कर नहीं हैं।
डॉ. कुणावत ने बताया कि आईटीआर की तेज़ प्रोसेसिंग से रिफंड चाहने वाले करदाताओं को राहत मिलती है। इसके अलावा, वित्तीय वर्ष 2009-10 तक की अवधि से संबंधित 25,000 रुपये और वित्तीय वर्ष 2010-11 से 2014-15 तक की अवधि से संबंधित 10,000 रुपये तक की छोटी कर मांगों को वापस लेने का निर्णय करदाताओं के साथ-साथ कर सलाहकारों के लिए भी लाभदायक हैं, जिससे उनकी मेहनत कम होगी और उनका समय बचेगा। डेफिसिट बजट इस बात पर प्रकाश डालता है कि हमारी सरकार उच्च विकास के साथ अर्थव्यवस्था को मजबूत करने और विस्तार करने और लोगों के लिए उनकी आकांक्षाओं को साकार करने के लिए परिस्थितियाँ बनाने एवं ‘विकसित भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए प्रतिबद्ध है।
विकसित भारत की ओर इंगित करता यह बजटःडॉ. कुणावत
