संस्कार भारती की बैठक
उदयपुर। दिनाँक 6 से 9 जून 2024 तक आयोज्य प्रातः स्मरणीय महाराणा प्रताप की जयंती समारोह आयोजित होने जा रहा है आयोजन की कड़ी में प्रताप गौरव केंद्र के द्वारा पांच विधाओं में चार दिवसीय कार्यशालाओं का आयोजन प्रस्तावित है जिसमें चित्रकला के क्षेत्र में आयोजित होने वाली कार्यशाला में संस्कार भारती ,उदयपुर महानगर इकाई सहयोगी के रूप में शामिल रहेगी। कार्यशाला के सफल आयोजन के हेतु ‘संस्कार भारती उदयपुर इकाई” की भूमिका को लेकर विधा प्रमुखों की एक महत्वपूर्ण बैठक भूपालपुरा स्थित संगीत नाट्य निकेतन के सभागार में चित्तौड़ प्रान्त के संगीत विधा प्रमुख तथा ख्यातनाम गजलकार नरेन्द्र ब्यावत , “दृश्य कला विभाग” सुखाडिया विश्वविद्यालय के प्रोफेसर मदन सिंह राठौड़ तथा महामंत्री मुकेश पंवार के सानिध्य में संपन्न हुई। अध्यक्षीय उद्धबोधन में राठौड़ ने विगत दिनों नैनीताल में आयोजित अखिल भारतीय चिंतन बैठक के महत्वपूर्ण बिंदुओं पर प्रकाश डालते हुए आगामी कार्यक्रम की रूपरेखा एवं संगठनात्मक रचना से सभी को अवगत कराया साथ ही आगामी कार्यशाला निमित्त सभी विधा प्रमुखों को आवश्यक जिम्मेदारियां सौंपी गई व कहा कि संगीत, नृत्य, चित्रकला, बैठक में राजस्थान की समृद्ध कला एक सांस्कृतिक विरासत और गौरवमयी वैभवपूर्ण स्थापत्य ,साहित्य और कला परम्पराओं यथा संगीत, चित्रकला , नृत्य और उन्नत लोक कलाओं और परम्पराओं के संवर्धन, सरंक्षण के साथ उनके उन्नयन विकास की दृष्टि से शिक्षा के क्षेत्र में कला को समर्पित ललित कला विश्वविद्यालय (Rajsthan fine arts university) के लिए उदयपुर में एक अलग से विश्वविद्यालय स्थापना की आवश्यकता जताई जिससे राजस्थान की समृद्ध कला परम्पराओं का ज्ञान भावी पीढ़ी को भी मिले तथा शिक्षा के क्षेत्र में नवाचार हो। बैठक में इस सुझाव का सर्वसम्मति से करतल ध्वनि से स्वागत कर पारित किया और सरकार तक उचित माध्यम से पहुंचाया जाने की बात कही गई।
बैठक में साहित्य विधा प्रमुख विजय सारस्वत, कोषाध्यक्ष वर्षा गहलोत, अमित व्यास, रमेश चन्द्र पुरोहित, रामसिंह भाटी, डॉ प्रेषिका द्विवेदी, डॉ ऋतु टांक, सीमा जैन, विमला आर्य सहित गणमान्य पदाधिकारी उपस्थित रहे।
