उदयपुर। श्री वर्धमान स्थानकवासी जैन श्रावक संघ की ओर से सिन्धी बाजार स्थित पंचायती नोहरे में श्रमण संघीय प्रवर्तक सुकनमुनि महाराज ने कहा कि सारे जगत में गुरु का नाम और णमोकार महामंत्र सबसे पवन होता है। गुरु के सानिध्य और णमोकार महामंत्र के जाप से जीवन का कल्याण हो जाता है। महामंत्र के लगातार जाप और उसकी साधना से आत्म कल्याण का रास्ता मिलता है।
उन्होंने कहा कि इस महामंत्र से कई कई प्राणियों का आत्म कल्याण और उद्धार हुआ है। णमोकार महामंत्र की महिमा अनन्त है। महामंत्र के जाप से बिगड़े कार्य भी बन जाते है। जो अपनी आत्मा पर विजय प्राप्त कर लेता है वह इस लोक के साथ ही परलोक में भी सुख की प्राप्ति करता है। आत्मा का ही हमारे शरीर पर नियंत्रण है। शरीर में अगर आत्मा नहीं है तो वह शरीर किसी काम का नहीं है। इसलिए हमें शरीर से ज्यादा हमारी आत्मा का कल्याण करना है और इस कल्याण का एक ही मार्ग है धर्म मार्ग। जिस दिन हम हमारी आत्मा पर विजय प्राप्त कर लेंगे उसे दिन हमारा जीवन सफल हो जाएगा और हम इस लोक के साथ हमारे परलोक को भी धन्य कर देंगे।
धर्मसभा में अखिलेश मुनि ने गीतिका प्रस्तुत की। महामंत्री एडवोकेट रोशन लाल जैन ने बताया कि चातुर्मास काल से ही णमोकार महामंत्र की धर्म आराधना निरंतर जारी है। शनिवार को बाहर से आए अतिथियों का धर्म सभा में स्वागत अभिनंदन किया गया। धर्मसभा में मेवाड़ वागड़ क्षेत्र सहित देश के विभिन्न क्षेत्रों से श्रद्धालुओं का आना लगातार जारी है।
महामंत्र के जाप और साधना से मिलता है आत्म कल्याण का रास्ता
