देवी भागवत के प्रसंगों में छिपा है शक्ति, विवेक और सेवा का संदेश: प्रशांत अग्रवाल

उदयपुर व्यूज़ | ताजा खबरें

उदयपुर, 14 अक्टूबर। नारायण सेवा संस्थान के सेवातीर्थ स्थित वर्ल्ड ऑफ ह्यूमैनिटी में संस्थान अध्यक्ष प्रशांत अग्रवाल के सानिध्य में आयोजित श्रीमद् देवी भागवत कथा में माँ दुर्गा की महिमा, नारी शक्ति और भक्ति के महत्व का भावपूर्ण वर्णन किया गया। महिषासुर वध तथा रानी शची, देवराज इंद्र और राजा नहुष के प्रसंगों के माध्यम से एकता, विनम्रता, विवेक और सेवा का संदेश दिया गया।

महिषासुर के अत्याचारों से त्रस्त देवताओं की कथा सुनाते हुए कहा कि सभी देवताओं के सामूहिक तेज से माँ दुर्गा का प्राकट्य हुआ। देवताओं ने उन्हें अपने दिव्य अस्त्र प्रदान किए, जबकि हिमालय ने सिंह वाहन भेंट किया। माँ दुर्गा ने महिषासुर का वध कर देवताओं को उसके अत्याचारों से मुक्ति दिलाई। इस प्रसंग के माध्यम से बताया गया कि सामूहिक शक्ति और एकजुट प्रयास से बड़ी से बड़ी चुनौती का सामना किया जा सकता है। किसी को कमजोर समझना अहंकार है, जबकि नारी शक्ति सामर्थ्य, साहस और संकल्प की प्रतीक है।

रानी शची और राजा नहुष के प्रसंग में बताया गया कि देवराज इंद्र के स्वर्ग छोड़ने के बाद नहुष को इंद्र का पद मिला, लेकिन सत्ता के मद में वह अहंकारी हो गया। उसने रानी शची को अपने अधीन करने का प्रयास किया। संकट की इस घड़ी में शची ने माँ महामाया की आराधना की और उनके मार्गदर्शन से अपने पति इंद्र तक पहुँचने का मार्ग खोजा। आगे चलकर ऋषि अगस्त्य के अपमान के कारण नहुष को श्राप मिला और उसका पतन हो गया। उन्होंने कहा पद और शक्ति तभी सार्थक हैं, जब उनके साथ विनम्रता और मर्यादा बनी रहे। विपरीत परिस्थितियों में श्रद्धा और विवेक व्यक्ति को सही मार्ग दिखाते हैं।

अग्रवाल ने कहा कि जिस प्रकार सभी देवताओं के सामूहिक तेज से माँ दुर्गा की शक्ति प्रकट हुई, उसी प्रकार समाज के प्रत्येक व्यक्ति के छोटे-छोटे सहयोग से किसी जरूरतमंद के जीवन में बड़ा बदलाव लाया जा सकता है। सेवा का प्रत्येक प्रयास किसी के जीवन में आशा और आत्मविश्वास का नया दीप जला सकता है।

श्रद्धालुओं से आह्वान किया गया कि नवरात्र में माँ की आराधना के साथ जरूरतमंदों की शिक्षा, उपचार और कृत्रिम अंगों की व्यवस्था में भी यथासंभव सहयोग करें।

By Udaipurviews

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