उदयपुर। अपराधियों में भय और आमजन में विश्वास केवल स्लोगन ही साबित हो रहा है। उदयपुर के प्रतापनगर थाने में इससे बढ़कर पुलिस की संवेदनहीनता का मामला सामने आया है। जिसमें सिर फटने तथा बहते खून के बावजूद पुलिस ने एक पीड़िता महिला को दो घंटे तक थाने में बिठाए रखा। अपने मासूम बच्चों के साथ पीड़ित दर्द से कराहते हुए बैठी रही। तब तक पुलिस ने उस महिला की पीड़ा महसूस नहीं की, जब तक उसे इसका अहसास कराने वाला नहीं मिला। बाद में पुलिस महिला को मेडिकल कराने अस्पताल लेकर पहुंची।
दरअसल उदयपुर शहर के बेड़वास क्षेत्र की सरोज मोगिया नामक महिला का सिर उसके पति ने दांतली से हमला कर फाड़ दिया था। जिसकी शिकायत पुलिस उसके पति के साथ पीड़िता महिला को उसके दो मासूम बच्चों के साथ थाने ले आई। उसके सिर पर काफी बड़ा घाव होने तथा रक्त बहने के बावजूद पुलिस उसे उपचार के लिए अस्पताल लेकर नहीं पहुंची, बल्कि उसे दो घंटे तक थाने में बिठाए रखा। इस बीच थाने में कुछ ऐसे लोग पहुंच गए, जिन्होंने लहूलुहान महिला को देखा तो वह सिहर गए। उन्होंने महिला से पूछा तो उसने बताया कि वह दो घंटे से थाने में बैठी है। पीड़ा की वजह से कुछ सूझ नहीं रहा है। जब लोगों ने थाने में मौजूद पुलिसकर्मियों को इसकी याद दिलाई तो पुलिस हरकत में आई। फिर पुलिस की गाडी में महिला को बैठाकर मेडिकल कराने हॉस्पिटल ले जाया गया।
उदयपुर पुलिस की संवेदनहीनता, फटे सिर से घायल महिला को 2 घंटे थाने में बिठाए रखा
