उदयपुर। भीलवाड़ा जिले में रविवार को 6 माह की एक मासूम को कुत्ते ने नोंच खाया। जिसकी अस्पताल में मौत हो गई। घटना के समय मासूम को उसकी मां चुन्नी के झूले में सुलाकर भैंस को चारा देने रही थी। उसी दौरान आए कुत्ते ने बच्ची पर हमला बोल दिया था।
बच्ची की चीख सुनकर मां दौड़कर आई तब तक कुत्ता मासूम का जबड़ा चबाकर खा चुका था। जिसे गंभीर अवस्था में अस्पताल ले जाया गया, जहां एक घंटे की सर्जरी की गई लेकिन मासूम को नहीं बचाया जा सका।
बताया गया कि घटना भीलवाड़ा जिले के गुलाबपुरा थाने के हाजियास गांव की है। मासूम के चाचा राजमल जाट ने बताया कि छह माह की मासूम चिंकी को उसकी मां छोटी देवी भैंसों को चारा खिलाने के लिए बाड़े में गई थी। तब चिंकी को चुन्नी के एक झूले में सुलाकर कई थी। इसी दौरान एक आवारा कुत्ता उनके घर में घुसा तथा चुन्नी में सोई मासूम चिंकी पर हमला कर दिया। बच्ची की चीख की आवाज सुनकर मां दौड़कर आई और उसने कुत्ते को भगाया लेकिन उसने मासूम को नौंचना नहीं छोड़ा। जब तक कुत्ते को भगाया गया, तब तक वह बच्ची का मुंह और जबड़ा बुरी तरह चबा चुका था। परिजन बच्ची को तत्काल भीलवाड़ा के एमजी अस्पताल लेकर पहुंचे। जहां उसका डॉ. वीरेंद्र शर्मा, डॉ. रमेश माहेश्वरी और डॉ. दीपक की टीम ने उसकी सर्जरी की लेकिन बालिका को नहीं बचाया जा सका। डॉ. शर्मा ने बताया कि एक घंटे तक सर्जरी के बाद उसे पीडियाट्रिक इंटेसिव केयर यूनिट में शिफ्ट कर दिया गया था। उसकी हालत बेहद गंभीर थी औश्र शम सवा सात बजे उसकी मौत हो गई।
कुत्ते की ग्रामीणों ने ली जान
बताया गया कि घटना के बाद गुस्साए ग्रामीणों ने कुत्ते को घेरा और लाठियों से पीट—पीटकर उसकी जान ले ली थी। बताया गया कि बालिका के पिता लहरू जाट मध्यप्रदेश में कंट्रक्शन कंपनी में काम करते हैं। उनकी तीन बेटियों में चिंकी सबसे छोटी थी। दो अन्य बेटियां अंजली दस तथा चंचल छह साल की हैं।
मां के सामने बच्ची को कुत्ते ने नौंच खाया, अस्पताल में दम तोड़ा
