बांसवाड़ा युवाओं की प्रेरणा, सेवा की मिसाल : तेजतर्रार आईपीएस ज्येष्ठा मैत्रेयी संभालेंगी बांसवाड़ा की कमान

गुना की बेटी से यूथ आइकन तक का सफर
बांसवाड़ा, 15 मार्च। प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले हजारों युवाओं के लिए प्रेरणा बन चुकी 2018 बैच की तेज-तर्रार आईपीएस अधिकारी ज्येष्ठा मैत्रेयी गुरुवार को बांसवाड़ा जिले की पुलिस अधीक्षक (एसपी) के रूप में जिम्मेदारी संभालेंगी। ज्ञान, संवेदनशीलता और सेवा की भावना से भरी ज्येष्ठा का व्यक्तित्व एक सख्त पुलिस अधिकारी के साथ-साथ एक मार्गदर्शक और प्रेरक का भी है।

मध्यप्रदेश के गुना जिले के बिजली बोर्ड में कार्यरत गिरीश चंद्र आर्य व स्कूल प्राचार्य मंजू देवी के घर जन्मी ज्येष्ठा मैत्रेयी ने बचपन से ही सनातन संस्कारों और नैतिक मूल्यों को अपने जीवन का आधार बनाया। परिवार से मिले इन्हीं संस्कारों ने उन्हें ईमानदारी, संवेदनशीलता और समाज सेवा की राह पर आगे बढ़ाया। अपने नाम के अनुरूप वे विदुषी, विचारशील और कर्मनिष्ठ अधिकारी के रूप में जानी जाती हैं।

युवाओं को दिशा देने का जज्बा : एक ही अटेम्प्ट में आईपीएस बनने के बाद भी ज्येष्ठा ने खुद को केवल प्रशासनिक दायित्वों तक सीमित नहीं रखा। वे देशभर में यूपीएससी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए एक मार्गदर्शक बन चुकी हैं। दिल्ली के कई स्तरीय कोचिंग संस्थानों और शैक्षणिक मंचों पर अपने व्याख्यानों के माध्यम से उन्होंने हजारों युवाओं को सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी का रास्ता दिखाया है।
उनके लेक्चर केवल परीक्षा की रणनीति तक सीमित नहीं होते, बल्कि उनमें संघर्ष, अनुशासन, आत्मविश्वास और समाज के प्रति जिम्मेदारी का संदेश भी होता है। यही वजह है कि प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले युवाओं के बीच वे एक आइकन बन चुकी हैं।

वर्दी में संवेदना और सेवा का भाव : पुलिस मुख्यालय में सीआईडी सीबी से स्थानांतरित होकर आई ज्येष्ठा एक पुलिस अधिकारी के रूप में अपराधों की रोकथाम, महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा, साइबर क्राइम पर अंकुश लगाने तथा कानून व्यवस्था को मजबूत करने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही हैं। गरीब और जरूरतमंद लोगों की मदद करना उनके व्यक्तित्व की विशेष पहचान है।

डीजीपी के विज़न को पूरा करेंगी : वे पुलिस महानिदेशक राजीव कुमार शर्मा के विजन के अनुरूप नवीन आपराधिक कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए भी सक्रिय भूमिका निभा रही हैं, ताकि अपराध पीड़ितों को त्वरित न्याय मिल सके। इसके साथ ही नशामुक्ति अभियान, सामाजिक जागरूकता और पुलिस परिवार के कल्याण जैसे विषयों पर भी उनका विशेष ध्यान रहता है। राजस्थान पुलिस की प्राथमिकताओं को पूरा करना उनका लक्ष्य है।

जनसंवाद से सुरक्षा तक: बांसवाड़ा पुलिस का नया विज़न : ज्येष्ठा ने स्पष्ट किया है कि आमजन से सीधा संवाद स्थापित कर उनकी अपेक्षाओं को समझना उनकी प्राथमिकता रहेगी। उन्होंने कहा कि पुलिस और जनता के बीच भरोसा बढ़ाना तथा सुरक्षा का भाव मजबूत करना जरूरी है। इसके लिए प्रभावी सम्पर्क तंत्र विकसित किया जाएगा और प्रत्येक पुलिसकर्मी को उसी अनुरूप संवेदनशील व जवाबदेह बनाते हुए सेवा के लिए तैयार किया जाएगा, ताकि आमजन को त्वरित और भरोसेमंद पुलिस सहायता मिल सके।

जनजातीय अंचल के युवाओं को मिलेगा मार्गदर्शन : अब जब ज्येष्ठा मैत्रेयी बांसवाड़ा जिले की कमान संभालने जा रही हैं, तो उनके सामने एक नई जिम्मेदारी और अवसर दोनों हैं। जनजातीय अंचल के इस जिले में वे युवाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए प्रेरित करने और मार्गदर्शन देने की योजना बना रही हैं।
उनका मानना है कि देश के दूरस्थ और आदिवासी क्षेत्रों में भी प्रतिभा की कोई कमी नहीं है, जरूरत है तो केवल सही दिशा और अवसर की। वे युवाओं से सीधा संवाद स्थापित कर उन्हें बड़े सपने देखने और उन्हें पूरा करने का हौसला देने की कोशिश करेंगी।

पुलिस और जनता के बीच भरोसे का सेतु : ज्येष्ठा मैत्रेयी का मानना है कि पुलिस और आम जनता के बीच विश्वास का रिश्ता जितना मजबूत होगा, समाज उतना ही सुरक्षित और शांतिपूर्ण बनेगा। इसी सोच के साथ वे जिले की अंतिम सीमा के रहवासियों व आमजन से सीधा संवाद बढ़ाने, उनकी समस्याएं सुनने और त्वरित समाधान देने की दिशा में काम करने की तैयारी कर रही हैं।

प्रेरणा की एक जीवंत कहानी : ज्येष्ठा मैत्रेयी की यात्रा केवल एक प्रशासनिक अधिकारी बनने की कहानी नहीं है, बल्कि यह संघर्ष, संस्कार और सेवा के मूल्यों से सजी एक प्रेरणादायक कहानी है।
वर्दी की सख्ती के पीछे एक संवेदनशील हृदय और समाज के लिए कुछ बेहतर करने का संकल्प—यही उन्हें खास बनाता है।
आज वे सिर्फ एक आईपीएस अधिकारी नहीं, बल्कि हजारों युवाओं के सपनों को दिशा देने वाली एक जीवंत प्रेरणा बन चुकी हैं।

By Udaipurviews

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