-संभाग के 25 उपखण्ड मुख्यालयों पर मुख्यमंत्री के नाम सौंपे ज्ञापन
उदयपुर। जनसंख्या के अनुपात में आरक्षण एवं राज्य प्रशासनिक सेवा में प्रथक आरक्षण 6.5 प्रतिशत आरक्षण अनुसूचित क्षेत्र के जनजाति समुदाय को देने की मांग जिले में जोर पकड़ रही है। अनुसूचित क्षेत्र आदिवासी आरक्षण संघर्ष समिति के बैनर तले बुधवार को उदयपुर संभाग के सभी उपखण्ड कार्यालय पर प्रदर्शन कर उपखण्ड अधिकारियों के माध्यम से मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपे गए।
संघर्ष समिति के केंद्रीय संयोजक पूर्व सांसद रघुवीरसिंह मीणा, सह संयोजक डूंगरपुर विधायक गणेश घोघरा, बांसवाड़ा जिले के समन्वयक पूर्व संसदीय सचिव नानालाल निनामा, डूंगरपुर के समन्वयक पूर्व सांसद ताराचंद भगोरा, प्रतापगढ़ के जिला समन्वयक विधायक रामलाल मीणा, उदयपुर के समन्वयक पूर्व राज्य मंी मांगीलाल गरासिया के निर्देशानुसार बुधवार को अनुसूचित क्षेत्र के सभी 25 उपखण्ड मुख्यालयों पर अनुसूचित क्षेत्र आदिवासी आरक्षण संघर्ष समिति के बैनर तले मुख्यमंत्री के नाम उपखण्ड अधिकारियों को ज्ञापन सौंपते हुए अनुसूचित क्षेत्र में जनजाति समुदाय के लिए जनसंख्या के अनुपात में आरक्षण करने तथा राज्य प्रशासनिक सेवा में पृथक आरक्षण 6.5 प्रतिशत, अनुसूचित क्षेत्र के जनजातियों के लिए प्रदान करने की मांग की गई। उदयपुर जिले के गिर्वा उपखण्ड मुख्यालय पर डॉ मानसिंह निनामा, सोमेश्वर मीणा, ओमप्रकाश गमेती, देवीलाल दाणा, गोपाल पारगी, अरविंद कोटेड, चंपालाल परमार आदि के नेतृत्व में गिर्वा उपखण्ड अधिकार के नाम से अतिरिक्त जिला कल्क्टर (प्रशासन) ओपी बुनकर को ज्ञापन सौंपा गया। डॉ निनामा ने बताया कि 19 मई 2018 को अनुसूचित क्षेत्र का विस्तार किया गया। उसके बाद अनुसूचित क्षेत्र की कुल आबादी आदिावसी समाज की 70.42 प्रतिशत है लेकिन वर्तमान समय में पे-स्केल 1 से 9 तक केवल 45प्रतिशत आरक्षण ही प्रदान कियाजा रहा है जिससें जिससे आदिवासी क्षेत्र में जनसंख्या के अनुपात में 70.42 प्रतिशत आदिवासी समुदाय को देने की मांग प्रदेश के मुख्यमंत्री से कर रहा है। उन्होंने बताया कि राजस्थान में अनुसूचित जनजाति के राज्य प्रशासनिक सेवा में 12प्रतिशत आरक्षण देय है जिसकी 6.5 प्रतिशत आबादी उदयपुर संभाग के अनुसूचित क्षेत्र में निवास करती है। यह क्षेत्र शैक्षणिक, आर्थिक एवं सामाजिक दृष्टि से पिछड़ा हुआ है जिसकी वजह से राज्य प्रशासनिक सेवा के सभी पदों पर पूर्वी राजस्थान के मीणा समुदाय के अभ्यर्थी काबिज हो जाते हैं जिससे उदयपुर संभाग के जनजाति समुदाय को उचित प्रतिनिधित्व नहीं मिल पाया है। वे मुख्यमंत्री से कुल 12 में से 6.5 प्रतिशत आरक्षण राज्य प्रशासनिक सेवा, न्यायिक सेवा, कॉलेज लेक्चरर, स्कूल लेक्चरर आदि में पृथक देने की मांग कर रहे हैं।
जजा समुदाय को जनसंख्या के अनुपात में और प्रशासनिक सेवा में पृथक आरक्षण की मांग ने पकड़ा जोर
