परिस्थितियां कैसी भी हो,अपना धेर्य एवं साहस नहीं खोना चाहिये
उदयपुर। मां माय एंकर फाउण्डेशन की ओर से शिल्पग्राम रोड़ स्थित पार्क एक्जोटिका में आयोजित उदयपुर टेल्स के तहत तीन दिवसीय स्टोरी टेलिंग कार्यक्रम सम्पन्न हुआ। अंतिम दिन जहा शहीद की वीरता पर जहा श्रोताओं की आंखे नम हई वहीं भगवान राम पर प्रस्तुत की गई कहानी के ननवी प्रस्तुतिकरण को नजदीक से जाना। कहानीकार ने बिहार के चुनाव पर जबरदस्त व्यंग्य करते हुए वहा की सच्चाई को उजागर करनें का प्रयास किया। सुफियाना कव्वाली के कव्वालों ने आमजन को उसी में डूबने पर मजबूर दिया।
तीसरे व अंतिम दिन आज दिल्ली से आई गीतिका लीडर ने जब अपनी खुद की लिखी सच्ची कहानी- लाइफ ऑफ सोल्जर्स वाइफ सुनाई तो कहानी के पूरे संसार में एक अजीब सी खामोशी और सन्नाटा छा गया। वहां मौजूद हर एक शख्स की पलकें भीगी हो गई। उल्लेखनीय है कि गीतिका लीडर के पति 4 साल पहले एक चोपर हवाई दुर्घटना में पूर्व सीडीएस रावत सहित अन्य के साथ शहीद हो गए थे। उस दुर्घटना के बाद उन्होंने अपने आप को और परिवार को कैसे संभाला यही इस कहानी में बताया गया।
उन्होंने कहा कि सोल्जर की पत्नी बहुत आत्मनिर्भर होती है। वह मुश्किल परिस्थितियों में भी खुद को संभालना जानती है। समाज में वह गर्व के साथ सिर ऊँचा रखती है क्योंकि उसका जीवनसाथी देश के लिए अपना सब कुछ दांव पर लगा रहा होता है। यदि कभी उसका पति शहीद हो जाए, तो उसका दर्द शब्दों में बयान नहीं किया जा सकता। फिर भी वह अपने आँसू पोंछकर गर्व से कहती है कि उसके पति ने देश के लिए बलिदान दिया।
सच में, एक सोल्जर की पत्नी खामोश योद्धा होती है, जो बिना हथियार के देश की सेवा करती है। एक सोल्जर की पत्नी का जीवन बहुत त्याग, धैर्य और साहस से भरा होता है। वह देश की सेवा सीधे सीमा पर नहीं करती, लेकिन उसका योगदान भी किसी सैनिक से कम नहीं होता।
इस कहानी के माध्यम से उन्होंने आमजन को संदेश दिया कि परिस्थितियों चाहे कितनी भी विपरीत हो हमेशा धैर्य और साहस के साथ काम करना चाहिए। विपत्ति के समय आपकी खामोशी और उदासी आपके बच्चों सहित पूरे परिवार पर विपरीत असर डालती है। जब हमारे अच्छे दिनों के समय हम भगवान का शुक्रिया अदा करते हैं तो जब विपत्ति और संकट का समय आता है तो हम भगवान को क्यों कोसें। दुनिया में अच्छा या बुरा जो भी होता है ईश्वर की मर्जी से ही होता है। इसलिए विपरीत परिस्थितियों में भी धैर्य और संयम के साथ आगे बढ़े और घर परिवार को सम्भाले।
इसके बाद कहानीकार ज्योति पांडें ने राम कथा के माध्यम से पूरी रामायण को सभी के सामने जीवंत कर दिया। सीता स्वयंवर से लेकर राम वनवास, रावण से युद्ध के दौरान लक्ष्मण के मूर्छित होने का प्रसंग एवं रावण वध तक की कथा बहुत ही तन्मयता और सारगर्भित तरीके से सुनाई। उन्होंने खासकर लक्ष्मण जी की पत्नी उर्मिला की ओर सभी का ध्यान आकर्षित किया। उन्होंने कहा कि उर्मिला जी का त्याग और धैर्य का आज भी कोई सानी नहीं है। 14 साल तक वो निर्दोष मन से विरह की अग्नि में तपती रही, लेकिन उन्होंने अपना धैर्य और साहस नहीं खोया।
अपनी राम कथा के माध्यम से उन्होंने आम जन को संदेश दिया कि अकेलेपन से कभी घबराने और निराश होने की आवश्यकता नहीं है, बल्कि अकेलेपन को अपने आप को जानने और अपने आप से मिलने का माध्यम बनाएं। इसकी प्रेरणा हमें लक्ष्मण जी की पत्नी उर्मिला जी से मिलती है।
मिक्का चेसरोन ने इजरायली पौराणिक कथा योना और व्हेल कहानियांे को पेंटिंग और चित्रों के माध्यम से प्रदर्शित करते हुए अपनी बात रखी। उन्होंने सभी को पर्यावरण संतुलन बनाए रखने, जंगल बचाने एवं जीव दया का संदेश दिया।
इसके बाद जेल बैण्ड की प्रस्तुति ने सभी को झूमने पर मजबूर कर दिया। उनका सूफियाना अंदाज हर किसी को पसंद आया और तालिया की गड़गड़ाहट के साथ सभी उनके साथ और में और मिलकर गाने को मजबूर हो गए।ं
अंतिम सेशन में पृथ्वीराज चैधरी ने जीवन का हिस्सा, दिव्या दत्ता ने कहानी आत्मकथा सुनायी। विजय कुमार हास्य व्यंग्य बिहार में चुनाव की प्रस्तुति ने सभी कां हंसा-हसंा कर लोटपोट कर दिया। विजय कुमार ने बिहार चुनाव पर जबरदस्त व्यंग्य करते हुए बताया कि किस प्रकार वहंा चुनाव करवाये जाते थे। भारतीय संगीतकार और बाघ संरक्षणवादी अभिषेक रे ने बाघ के अवैध शिकार पर एक कहानी प्रस्तुत कर बाघ संरक्षण पर सारगर्भित चित्रण प्रस्तुत किया। रात्रि को आंचल श्रीवास्तव सूफी कव्वाली की प्रस्तुति ने सभी को उसी में डूबो दिया।
शहीद की कहानी सुन श्रोताओं की आंखें हुई नम,सुफियाना कव्वाली की प्रस्तुति के साथ तीन दिवसीय स्टोरी टेलिंग फेस्टिवल सम्पन्न
