शोध पत्रिका विरासत के दसवें अंक का हुआ विमोचन

भारतीय इतिहास व संस्कृति देश की अमूल्य धरोहर – प्रो. सारंगदेवोत
उदयपुर 26 अक्टूबर / जनार्दनराय नागर राजस्थान विद्यापीठ डीम्ड टू बी विवि के संघटक माणिक्यलाल वर्मा श्रमजीवी महाविद्यालय के इतिहास एवं संस्कृति विभाग द्वारा संपादित शोध पत्रिका विरासत के दशवें का विमोचन गु रूवार को कुलपति सचिवालय में कुलपति कर्नल प्रो. एस. एस. सारंगदेवोत, बीएन विद्या प्रचारिणी सभा के प्रबंध निदेशक डॉ. मोहब्बत सिंह रूपाखेड़ी , डॉ. हेमेन्द्र चौधरी, डॉ. युवराज सिंह राठौड़, परीक्षा नियंत्रक डॉ. पारस जैन, डॉ. मोनिका सारंगदेवोत ने  किया गया।
इस अवसर पर प्रो. सारंगदेवोत ने कहा कि  भारतीय इतिहास व संस्कृति देश की आत्मा व विरासत के रूप में अमूल्य धरोहर है, विभिन्न शोध कार्यों के माध्यम से भावी पीढ़ी के युवाओं में इसकी जागरूकता एवं रुचि स्थापित करना अनिवार्य है। देश की प्रमुख विरासत भारतीय संस्कृति में विद्यमान सभी ज्ञानवर्धक तथ्यों का अध्ययन एवं शोध राष्ट ªहित में होने चाहियें, जिसमें उच्च शिक्षण संस्थाओं की अहम भूमिका होने पर बल दिया। संपादक डॉ. हेमेंद्र चौधरी ने बताया कि इस पत्रिका में कुल 12 शोध पत्रों का प्रकाशन किया गया है, जिसमें प्रमुख रूप से मंदिर स्थापत्य एवं मूर्ति कला तथा आधुनिक भारतीय इतिहास के अनेक विषयों पर देश-विदेश के विभिन्न विद्वानों द्वारा लिखे गए शोध पत्र हैं। यह जानकारी निजी सचिव केके कुमावत ने दी।

By Udaipurviews

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