फतहसागर के टाया पैलेस में जुटे 300 से अधिक छात्र, वेटलैंड संरक्षण का दिया संदेश
उदयपुर, 02 फरवरी। विश्व आर्द्रभूमि दिवस के अवसर पर वन विभाग एवं जिला पर्यावरण समिति के तत्वावधान में सोमवार को फतेहसागर झील की पाल पर स्थित टाया पैलेस पर राज्य स्तरीय कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में विभिन्न विद्यालयों एवं संस्थाओं के छात्र-छात्राओं, वेटलैंड मित्रों तथा प्रकृति प्रेमियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता निभाई।
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों में आर्द्रभूमि संरक्षण को लेकर जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से प्रश्नोत्तरी, चित्रकला एवं वाद-विवाद प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। इन गतिविधियों के माध्यम से बच्चों ने झीलों, तालाबों एवं वेटलैंड्स के संरक्षण का प्रभावी संदेश दिया। इनमें उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित भी किया गया
इस अवसर पर छात्रों को संबोधित करते हुए उदयपुर ग्रामीण विधायक फूलसिंह मीणा ने कहा कि जलवायु परिवर्तन के कारण आज के समय में वन्य जीवों की महत्ता अत्यंत बढ़ गई है। प्रकृति का संतुलन बनाए रखने में वन्य जीवों की अहम भूमिका है और आर्द्रभूमियां इनके लिए सुरक्षित आश्रय स्थल होती हैं। इनके संरक्षण से ही पर्यावरण संतुलन संभव है।
जिला कलेक्टर नमित मेहता ने उपस्थित छात्रों एवं वेटलैंड मित्रों से पर्यावरण के प्रति सदैव जागरूक रहने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि केवल स्वयं ही नहीं, बल्कि अपने आसपास के लोगों को भी प्रकृति संरक्षण के लिए प्रेरित करना आज की आवश्यकता है।
उप वन संरक्षक अजय चित्तौड़ा ने बताया कि उदयपुर को वेटलैंड सिटी के रूप में पहचान प्राप्त होने के कारण यहां राज्य स्तरीय कार्यक्रम आयोजित किया गया। मेनार रामसर साइट एवं शहर के आसपास के क्षेत्र जैव विविधता से अत्यंत समृद्ध हैं। इनके संरक्षण और संवर्धन के उद्देश्य से आयोजित इस कार्यक्रम में विभिन्न विद्यालयों के 300 से अधिक विद्यार्थियों ने भाग लिया।
कार्यक्रम में आईजी गौरव श्रीवास्तव, संभागीय मुख्य वन संरक्षक सुनील छिद्रि, सीसीएफ वन्यजीव एस. आर. यादव, डीसीएफ वन्यजीव यादवेंद्र सिंह चूंडावत सहित वन विभाग के अधिकारी, वेटलैंड मित्र एवं बड़ी संख्या में प्रकृति प्रेमी उपस्थित रहे।
