जिला कलेक्टर मेहता की पहल पर शहर में विशेष स्वच्छता अभियान का आगाज़

“मेरा उदयपुर-मेरी पहचान” विशेष स्वच्छता अभियान के जरिए लेकसिटी को मिलेगी नई पहचान
शहर में दृश्यमान स्वच्छता सुनिश्चित करने और स्वच्छता सर्वेक्षण में देश में शीर्ष रैंक दिलाने का है लक्ष्य

उदयपुर, 02 फरवरी। आगामी स्वच्छता सर्वेक्षण में उदयपुर शहर को देशभर में शीर्ष स्थान दिलाने एवं शहर में दृश्यमान स्वच्छता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जिला कलेक्टर नमित मेहता की पहल पर शहर में “मेरा उदयपुर-मेरी पहचान” विशेष स्वच्छता अभियान का आयोजन किया जा रहा है। यह अभियान आगामी 31 मार्च तक संचालित होगा। अभियान की तैयारियों की समीक्षा हेतु सोमवार को जिला परिषद सभागार में जिला कलेक्टर नमित मेहता की अध्यक्षता में बैठक आयोजित हुई। बैठक में कलेक्टर मेहता ने अभियान की रूपरेखा और उद्देश्य की जानकारी देते हुए कहा कि उदयपुर एक प्रमुख पर्यटन डेस्टिनेशन होने के साथ ही राजस्थान के श्रेष्ठ शहरों में शुमार है। उन्होंने कहा कि स्वच्छता सर्वेक्षण में उदयपुर की देश में प्रथम स्थान मिलने की प्रचुर संभावनाएं मौजूद हैं और इसके लिए सभी विभागों को समन्वित रूप से कार्य करना होगा।

कलेक्टर मेहता ने निगम आयुक्त अभिषेक खन्ना को अभियान में अहम जिम्मेदारी देते हुए कहा कि इसके माध्यम से शहर की स्वच्छता संबंधी कमियों का आंकलन कर त्वरित सुधार किया जाएगा। आमजन के फीडबैक के आधार पर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। स्वच्छता व्यवस्था की बेहतर मॉनिटरिंग के लिए 8 से 10 वार्डों पर एक समूह का गठन किया जाएगा तथा नगर निगम, उदयपुर विकास प्राधिकरण, शिक्षा, परिवहन सहित विभिन्न विभागों के अधिकारियों को प्रत्येक समूह की जिम्मेदारियां सौंपी जाएंगी।

उन्होंने बताया कि अभियान के दौरान दृश्यमान स्वच्छता पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। इस दौरान गार्बेज कलेक्शन, जागरूकता गतिविधियां, वॉल पेंटिंग्स एवं थीम आधारित सायनेज बोर्ड आदि कार्य किये जाएंगे। शहर में साफ-सफाई संबंधित कार्यों का आकलन करते हुए आवश्यक सुधार तत्काल किए जाएंगे। वार्डों के बनें ग्रुप के प्रभारी अधिकारियों के फीडबैक के आधार पर नगर निगम द्वारा अपेक्षित सुधार लागू किए जाएंगे।

प्रमुख मार्गों की दीवारों पर होगा रंग-रोगन, रौशनी से होंगे जगमग

जिला कलेक्टर ने निर्देश दिए कि अभियान के दौरान शहर के मुख्य मार्गों के आसपास दीवारों का आवश्यकता अनुसार रंग-रोगन कराया जाए तथा समुचित प्रकाश व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। उन्होंने स्वयंसेवी संस्थाओं एवं आमजन की भागीदारी सुनिश्चित करने पर जोर देते हुए कहा कि स्वच्छता के लिए सकारात्मक मानसिकता अपनानी होगी, तभी अभियान के बेहतर परिणाम सामने आएंगे। उन्होंने यूडीए एवं नगर निगम अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में दृश्यमान स्वच्छता एवं शहर की सुंदरता के लिए संयुक्त रूप से कार्य करें।

पर्यटन स्थलों पर विशेष फोकस

उन्होंने कहा कि अभियान के तहत शहर के प्रमुख पर्यटन स्थलों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। सार्वजनिक शौचालयों की नियमित सफाई एवं पर्यटन स्थलों पर दृश्य स्वच्छता सुनिश्चित करना प्राथमिकता रहेगी। अभियान की प्रगति की समीक्षा प्रत्येक 15 दिन में की जाएगी। कलेक्टर ने बताया कि अभियान का लक्ष्य उदयपुर को देश के शीर्ष तीन स्वच्छ शहरों में शामिल करना है।

निगम आयुक्त की आमजन से अपील, शहर को स्वच्छ बनाने में करें सहयोग

इस अवसर पर नगर निगम आयुक्त अभिषेक खन्ना ने आमजन से अपील करते हुए कहा कि निगम की टीम जो स्वच्छता का कार्य करती है उसे सहयोग करें, इधर-उधर कचरा न फैलाएं। अभियान में आमजन का सहयोग अपेक्षित है इस हेतु विभिन्न व्यापार संगठनों एवं संस्थाओं का सहयोग भी लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि पूरा शहर अभियान में योगदान देगा तो स्वच्छता के क्षेत्र में शहर को बेहतर परिणाम मिलेंगे। बैठक में एडीएम प्रशासन दीपेंद्र सिंह, एडीएम सिटी जितेंद्र ओझा, यूआईटी सचिव हेमेन्द्र नागर सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

 

By Udaipurviews

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