श्रीमद् भागवत कथा का हुआ शुभारंभःसतसंग और हरिकथा मिलने से सुख मिलता है

फतहनगर। नगर के श्री लक्ष्मीनारायण अखाड़ा मंदिर परिसर में श्रीमद्भागवत सप्ताह ज्ञानयज्ञ का शुभारंभ किया गया। यह आयोजन रोजाना शाम 07.30 बजे से रात्रि 10.30 बजे तक होगा तथा 14 अक्टूबर तक चलेगा। आयोजन में पं.माणकचंद मेनारिया द्वारा श्रीमद्भागवत कथा की भव्य संगीतमय प्रस्तुति दी जा रही है।

आज की कथा में भागवत महात्म्य पर कहा कि नेमिसारण्य में कलियुग का प्रभाव नहीं होता है। अतः वहीं से श्री सूतजी द्वारा भागवत पुराण का प्राकट्य हुआ है। आगे कहा कि गुरुकृपा से कुछ भी असम्भव नहीं है। आज सभी संतान को कमाने वाला, ऑफिसर आदि बनाना चाहते हैं पर कोई भी उन्हें संत, हरिभक्त या राष्ट्रभक्त बनाने की नहीं सोचता है। आगे कहा कि वृक्ष अपनी फल रूपी संतान को जनसेवा में अर्पित कर रहे हैं। जैसे फल में रस समाहित हैं वैसे ही भागवत पुराण फल भी अमृत मय है। भागवत में श्लोक और रामायण में चैपाई प्रमुख है। गंगा की तरह भागवत का लोक कल्याण हेतु प्राकट्य हुआ है। जन्म जन्म के सौभाग्य से ही सतसंग और हरिकथा मिलने से सुख प्राप्त होता है। सुख से नहीं दुःख मिलने पर ही भगवत प्राप्ति होती है। देश और धर्म की चर्चा के साथ रामभक्त हनुमान, मीराँबाई, महाराणा प्रताप की चर्चा की गई। हरिद्वार, पवित्र गंगातट वैष्णव भक्तों के साथ देवताओं, ऋषियों की चर्चा की गई। भागवत पुराण सुनने के लिए देवताओं से लेकर राक्षस तक एकत्रित हुए थे। भागवत कथा पितरों का मोक्ष करने वाली है। महा आरती के बाद प्रसाद वितरण किया गया। प्रारंभ में महन्त शिवशंकरदास का स्वागत एवं आशीर्वाद लिया गया। कथा कर रहे मेनारिया का सरोपे द्वारा आयोजन कमेटी के कैलाशचन्द्र अग्रवाल एवं कैलाश खण्डेलवाल ने स्वागत किया। मंदिर मण्डल अध्यक्ष अग्रवाल ने इस अवसर पर सेवानिवृत्त मुख्य ब्लाॅक शिक्षा अधिकारी भूपालसागर एवं पूर्व पालिका नेता प्रतिपक्ष शैलेष पालीवाल का उपरने द्वारा स्वागत किया।

By Udaipurviews

Related Posts

error: Content is protected !!