उदयपुर | महावीर नवयुवक मंडल, सुंदरवास (उदयपुर) द्वारा आयोजित पंच तीर्थ एवं सनातन धर्म यात्रा के अंतर्गत 350 यात्री हर्षोल्लास एवं भक्तिभाव के साथ अपनी यात्रा को निरंतर आगे बढ़ाते हुए जैन धर्म के प्रवर्तक प्रथम तीर्थंकर भगवान आदिनाथ एवं मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम की जन्मभूमि अयोध्या पहुँचे।
मंडल के सचिव श्री भूपेश खमेसरा ने जानकारी देते हुए बताया कि 11 दिवसीय यह भव्य यात्रा उदयपुर से ट्रेन द्वारा प्रारंभ होकर पाटलिपुत्र से बस द्वारा श्री सम्मेद शिखरजी पहुँची। वहाँ से यह यात्रा रिजुबालिका तीर्थ, लछवाड़ जी तीर्थ, काकंदी तीर्थ, गुणिया जी तीर्थ, राजगीर तीर्थ, पावापुरी तीर्थ, नालंदा, कुंडलपुर तीर्थ होते हुए नववर्ष के अवसर पर वाराणसी (बनारस) पहुँची।
वाराणसी में यात्रियों ने भगवान काशी विश्वनाथ, काशी के कोतवाल काल भैरव एवं जैन समाज के 23वें तीर्थंकर भगवान पार्श्वनाथ की जन्मभूमि पर दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त किया। इसके पश्चात यात्रा वाराणसी से प्रस्थान कर अयोध्या पहुँची, जो भगवान श्रीराम के साथ-साथ जैन समाज के पाँच तीर्थंकरों की जन्मभूमि है—
प्रथम तीर्थंकर भगवान ऋषभदेव, द्वितीय तीर्थंकर भगवान अजीतनाथ, चतुर्थ तीर्थंकर भगवान अभिनंदन स्वामी, पंचम तीर्थंकर भगवान सुमतिनाथ एवं चौदहवें तीर्थंकर भगवान अनंतनाथ।
साथ ही अयोध्या भगवान राम, लक्ष्मण, भरत एवं शत्रुघ्न की भी जन्मभूमि है।
मंडल के सांस्कृतिक मंत्री श्री महावीर वया ने बताया कि यात्रियों ने लगातार 10 दिनों तक साथ रहते हुए भक्ति, उल्लास एवं आपसी सद्भाव के साथ यात्रा का पूर्ण आनंद लिया। ढोल-नगाड़ों के साथ प्रतिदिन भजन, नृत्य एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित हुए। मंडल की सुव्यवस्थित कैटरिंग व्यवस्था द्वारा यात्रियों को स्वादिष्ट एवं शुद्ध भोजन उपलब्ध कराया गया। पावापुरी में प्रसिद्ध भक्ति गायक विक्की डी. पारिक के भजनों का सभी यात्रियों ने भाव-विभोर होकर लाभ लिया।
यात्रा संयोजक आशुतोष धींग ने बताया कि यात्रा के दौरान उत्तम आवास, सुचारु यातायात व्यवस्था एवं उत्कृष्ट समय प्रबंधन का विशेष ध्यान रखा गया, जिसकी सभी यात्रियों ने मुक्तकंठ से प्रशंसा की। सचिव भूपेश खमेसरा द्वारा समय-समय पर वरिष्ठजनों एवं यात्रियों के स्वास्थ्य की देखरेख करते हुए आवश्यक दवाइयों का वितरण भी किया गया, जिससे यात्रा सुरक्षित, सुव्यवस्थित एवं आनंददायक बनी रही।
उक्त यात्रा की व्यवस्था में लोकेश कोठारी, आयुष भानावत एवं पीयूष झगड़ावत का भी विशेष सहयोग रहा, जिसके लिए महावीर नवयुवक मंडल परिवार की ओर से उन्हें हृदय से साधुवाद एवं आभार प्रकट किया गया।
संपूर्ण यात्रा सकुशल संपन्न कर दिनांक 03.01.2026 को सभी यात्री उदयपुर राणा प्रताप नगर रेलवे स्टेशन पहुँचे, जहाँ ढोल-नगाड़ों की गूंज, पुष्पवर्षा एवं पारंपरिक आत्मीय स्वागत के साथ महावीर नवयुवक मंडल एवं समाजजनों द्वारा यात्रियों का भव्य अभिनंदन किया गया।
मंडल के अध्यक्ष प्रवीण नाहर एवं उनकी पूरी टीम ने सभी यात्रियों की कुशलक्षेम पूछते हुए यात्रा की सफलता एवं सभी के उत्तम स्वास्थ्य हेतु मंगलकामनाएँ प्रेषित कीं।
श्री सम्मेद शिखर पंच तीर्थ यात्रा सकुशल संपन्न, अयोध्या होते हुए उदयपुर वापसी
