उदयपुर। ऐश्वर्या ग्रुप ऑफ कॉलेजेस के 30वें स्थापना वर्ष के उपलक्ष्य में आयोजित पांच दिवसीय “अभिव्यक्ति सांस्कृतिक महोत्सव” के दूसरे दिन परिसर कला, साहित्य, संगीत और सृजनात्मक अभिव्यक्तियों के रंगों से सराबोर नजर आया। विभिन्न प्रतियोगिताओं में विद्यार्थियों की प्रतिभा, कल्पनाशीलता और मंचीय आत्मविश्वास ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
जूनियर, सीनियर एवं कॉलेज स्तर पर आयोजित इस भव्य महोत्सव में 52 से अधिक शिक्षण संस्थानों के 1600 से अधिक विद्यार्थी उत्साहपूर्वक भाग ले रहे हैं। दूसरे दिन आयोजित प्रतियोगिताओं में साहित्य, ललित कला और रचनात्मक अभिव्यक्ति की अनूठी झलक देखने को मिली।
कार्यक्रम में निर्णायक मंडल के रूप में रुचि सुखवाल, राहुल माली, आरजे काव्य, श्रीनिवासन अय्यर, तरुण कुमार दाधीच, नीलोफर, मुनीर, कपिल पालीवाल एवं मयंक वाधवानी सहित विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञ उपस्थित रहे। अतिथियों का स्वागत स्मृति चिन्ह भेंट कर किया गया।
प्राचार्य डॉ. ओम प्रकाश शर्मा ने कहा कि ऐश्वर्या ग्रुप ऑफ कॉलेजेस के 30 वर्षों की शैक्षणिक एवं सांस्कृतिक यात्रा विद्यार्थियों की प्रतिभा और संस्थान की गुणवत्ता का प्रमाण है। उन्होंने कहा कि इतनी बड़ी संख्या में विभिन्न शिक्षण संस्थानों की भागीदारी महोत्सव की लोकप्रियता और सफलता को दर्शाती है।
द्वितीय दिवस पर कैलीग्राफी, मेहंदी, आशुभाषण, कहानी लेखन, निबंध, पोस्टर मेकिंग, रंगोली, कविता पाठ, मोनो एक्टिंग, मिमिक्री, स्टैंडअप कॉमेडी, हैंड पेंटिंग, कैरिकेचर एवं फेस पेंटिंग सहित 13 प्रतियोगिताओं का आयोजन हुआ। प्रतियोगिताओं में विद्यार्थियों की रचनात्मक सोच, कलात्मक अभिव्यक्ति और सामाजिक सरोकारों की झलक स्पष्ट दिखाई दी।
रंगोली और फेस पेंटिंग प्रतियोगिताओं ने परिसर को रंगों की खूबसूरती से भर दिया, वहीं कविता पाठ एवं आशुभाषण प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने अपने विचारों और भावनाओं को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया। मिमिक्री और स्टैंडअप कॉमेडी ने दर्शकों को खूब गुदगुदाया, जबकि मोनो एक्टिंग में प्रतिभागियों की अभिनय क्षमता ने सभी को प्रभावित किया।
रंगों, शब्दों और रचनात्मकता से सराबोर हुआ “अभिव्यक्ति” महोत्सव का दूसरा दिन
