उदयपुर, 18 मार्च : उदयपुर आगमन पर सद्गुरु का डॉ. लक्ष्यराज सिंह मेवाड़ ने मेवाड़ी परंपरा के अनुरूप भव्य स्वागत-सत्कार कर आदर-सम्मान किया। इस दौरान सद्गुरु ने उन्हें ‘प्रताप की भांति सत्य पर अडिग रहने’ का संदेश देते हुए ‘विजयी भव’ का आशीर्वाद प्रदान किया।
डॉ. मेवाड़ ने इसे अपना सौभाग्य बताते हुए कहा कि मेवाड़ सदैव सत्य, आदर्शों और सनातन परंपराओं के लिए विश्वभर में प्रसिद्ध रहा है। ‘अतिथि देवो भव’ की परंपरा को निभाते हुए यहां सदैव अतिथियों का सम्मान किया जाता है। उन्होंने कहा कि मेवाड़ के श्री एकलिंग दीवान सदियों से सत्य, मानव धर्म और कर्तव्य के मार्ग पर समर्पित रहे हैं। उन्होंने मेवाड़ के राज्य चिह्न में अंकित महामंत्र ‘‘जो दृढ़ राखै धर्म को तिहिं राखै करतार’’ का उल्लेख करते हुए कहा कि यह यहां की मूल भावना को दर्शाता है। सद्गुरु ने भी डॉ. मेवाड़ द्वारा किए गए स्वागत को विशेष बताते हुए उनकी भावनाओं की सराहना की।
सद्गुरु का डॉ. लक्ष्यराज सिंह मेवाड़ को आशीर्वाद
