उदयपुर। सार्वजनिक प्रन्यास मंदिर श्री महाकालेश्वर के अध्यक्ष तेजसिंह सरूपरिया ने बताया कि श्रावण के तृतीय सोमवार को आशुतोष भगवान श्री महाकालेश्वर की विधि विधान परम्परागत रूप से अभिजित मुर्हूत 12.15 बजे रजत पालकी में सवार हो जल भ्रमण पर निकले। जहां आशुतोष भगवान का नवजल से अभिषेक कर पूजा अर्चना की।

प्रन्यास सचिव चन्द्रशेखर दाधीच ने बताया कि श्रावण के तीसरे सोमवार व अधिक मास के प्रथम सोमवार के अवसर पर आशुतोष भगवान श्री महाकालेश्वर रजत पालकी में सवार हो सभा मण्डप से मंदिर परिक्रमा करते हुए गंगा घाट ले जाया गया। पालकी की आगे महिलाएं और पुरूष महादेव के जयकारें लगाते नृत्य करते चले।
श्रावण महोत्सव समिति के संयोजक रमाकान्त अजारिया, एडवोकेट सुन्दरलाल माण्डावत ने बताया कि पालकी को बड़ी संख्या में भक्तजनों द्वारा महाकाल के जयकारें के साथ गंगा घाट पर विराजित कराया गया जहां पर विधिवत् रूप से बडी संख्या में उपस्थित भक्तों के समक्ष आशुतोष भगवान की पूजा अर्चना कर आरती की गई तथा नव जल को भगवान का अर्पित कर झूला मनोरथ कराया गया।
श्रावण महोत्सव समिति के अध्यक्ष सुनील भट्ट ने बताया कि पालकी को पुनः सभा मण्डप में भक्तजनों द्वारा लाया गया जहां पर भगवान को विराजित कर पूजा अर्चना कर महाआरती की गई। जिसमें कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रो. गौरव वल्लभ द्वारा सभामण्डप में आशुतोष भगवान की पूजा अर्चना कर महाआरती की। इनके साथ लाल सिंह झाला, सुधीर जोशी आदि गणमान्य उपस्थित थे।
श्रावण महोत्सव समिति की संयोजिका श्रीमती दीक्षा भार्गव, दुर्गा टांक ने दर्शनार्थ आए शिवभक्तों के ललाट पर त्रिपुण्ड लगा कर सुरम्य बनाया।
श्रावण महोत्सव के विनोद कुमार शर्मा ने बताया कि आगामी शाही सवारी की तैयारियों को लेकर झांकियों की रंगरोगन का कार्य शुरू कर दिया है। आज की व्यवस्थाओं में पुरूषोत्तम जीनगर, कमल चैहान, राजेश सोनी, गिरिराज सोनी, शंकर चंदेल, यतेन्द्र दाधीच, गोपाल लोहार, पुरूषोत्तम पालीवाल आदि उपस्थित रहे।
